अमृत महोत्सव: पाक, चीन को ठेंगा; भारत ने 75 'लोकतांत्रिक' देशों को भेजा न्यौता

नई दिल्ली. एक तरफ जहां अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 9-10 दिसंबर को वर्चुअल डेमोक्रेसी सम्मेलन के लिए भारत समेत 110 लोकतांत्रिक देशों को न्यौता भेजा है. वहीं भारत भी आजादी के 75वें अमृत महोत्सव के मौके पर 75 लोकतांत्रिक देशों को निमंत्रण भेज भारतीय लोकतंत्र से उन्हें रूबरु कराने के लिए कदम उठा चुका है. खास बात ये है कि भारत ने जिन देशों को न्यौता भेजा है, उनमें पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान शामिल नहीं है. साफ जाहिर है कि अमृत महोत्सव में हिस्सा लेने के लिए निमंत्रण केवल लोकतांत्रिक देशों को ही दिया गया है और पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान लोकतांत्रिक देश नहीं है.

गौरतलब है कि चीन में तानाशाही सत्ता है, वहीं पाकिस्तान में कहने को तो लोकतंत्र है लेकिन हर कोई जानता है कि पाकिस्तान में सत्ता की चाबी सेना के हाथ में रहती है. वही 15 अगस्त के बाद अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया था और वहां की तालिबान सरकार को अभी तक विश्व के किसी देश ने मान्यता नहीं दी है. नेक्स्ट-जनरेशन डेमोक्रेसी नाम के इस कार्यक्रम के तहत 8 देशों का पहला प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंच चुका है. पहला प्रतिनिधिमंडल 25 नवंबर से 2 दिसंबर तक भारत दौरे पर रहेगा. इस प्रतिनिधिमंडल में भूटान, स्वीडन, जमैका, तंज़ानिया, श्रीलंका, पोलैंड, उज़्बेकिस्तान और मलेशिया शामिल है. इन देशों के 35 साल से कम उम्र के युवाओं को इस कार्यक्रम में शामिल किया जा रहा है और ICCR यानी भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है.

पहले प्रतिनिधिमंडल में विदेशी मेहमान दिल्ली के रेड फोर्ट और पुरानी दिल्ली का दौरा करेंगे, साथ ही वहां पकवानों का लुत्फ उठाएंगे. यह विदेशी मेहमान ताज महल भी जाएंगे और गुजरात के महात्मा मंदिर का भी दौरा करेंगे. उनकी मुलाकात गुजरात के मुख्यमंत्री से भी तय है. वहीं उन्हें अमूल डेरी के साथ साथ स्टेचू ऑफ यूनिटी का भी दौरा कराया जाएगा.

आइडिया ऑफ इंडिया से परिचित कराना मकसद
इस कार्यक्रम का मकसद 75 लोकतांत्रिक देशों के लीडर्स को भारत की संस्कृति, विरासत और आईडिया ऑफ इंडिया से परिचित कराना है. इस कार्यक्रम के जरिए वैश्विक मुद्दों को संबोधित करने में भारत के योगदान को भी प्रदर्शित किया जाएगा.

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यह कार्यक्रम पूरा साल चलेगा और इसके दौरान 60 लोकतांत्रिक देशों के प्रतिनिधि और 15 ग्लोबल फोरम जिसमें वर्ल्ड बैंक, ASEAN, ब्रिक्स और बिम्सटेक जैसे समूहों से भी प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेने के लिए भारत आएंगे.

Tags: China, China Army, China india, India pakista, India Pakistan Relations

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