असम-मेघालय सीमा पर हिंसा का माहौल, वन विभाग के कार्यालय में तोड़फोड़, गाड़ियों में भी लगाई आग

गुवाहाटी: असम के वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिले में मेघालय के ग्रामीणों के एक समूह ने वन विभाग के एक कार्यालय में तोड़फोड़ और आगजनी की. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. पुलिस द्वारा लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को मंगलवार तड़के रोकने के बाद भड़की हिंसा में छह लोगों के मारे जाने के बाद इस कृत्य को अंजाम दिया गया. मेघालय के वेस्ट जयंतिया हिल्स जिले के मुकरोह गांव के निवासी कुल्हाड़ियां, छड़ और लाठियां लेकर मंगलवार रात अंतरराज्यीय सीमा पर असम में खेरोनी वन रेंज के तहत आने वाले एक बीट कार्यालय के सामने जमा हो गए और उसे आग के हवाले कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि भीड़ ने वन कार्यालय में तोड़फोड़ की और वहां रखे लकड़ी के सामान, दस्तावेजों और परिसर में खड़ी कई मोटरसाइकिल में आग लगा दी.

अधिकारियों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना में अभी तक किसी वन कर्मी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. उन्होंने बताया कि पुलिस और अन्य सुरक्षा कर्मियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही ग्रामीण वहां से चले गए. मेघालय में असम के वाहनों पर हमलों की खबर के बाद असम पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए वाहन मालिकों से पड़ोसी राज्य में जाने से बचने को कहा है. गुवाहाटी और कछार जिले सहित असम से मेघालय में प्रवेश करने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस कर्मियों ने अवरोधक लगाए और लोगों को असम में पंजीकृत वाहन पहाड़ी राज्य न ले जाने को कहा.

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गुवाहाटी पुलिस के उपायुक्त (पूर्व) सुधाकर सिंह ने कहा, ‘‘कल से, हम लोगों को स्थिति पूरी तरह सामान्य होने तक मेघालय न जाने की सलाह दे रहे हैं. हम केवल निजी एवं छोटी कार के मालिकों से यात्रा न करने का अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि कुछ शरारती तत्व वहां ऐसे वाहनों को निशाना बना रहे हैं.’’ उन्होंने बताया कि हालांकि अभी तक वाणिज्यिक वाहनों को रोका नहीं गया है. सूत्रों ने बताया कि असम में पंजीकृत गाड़ियों को मंगलवार शाम मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में आग के हवाले कर दिया गया. इससे पहले शरारती तत्वों ने लोगों को वाहन से उतरने को कह दिया था. कछार के पुलिस अधीक्षक नुमाल महता ने बताया कि उन्होंने असम और अन्य राज्यों के लोगों को निजी वाहनों से मेघालय की यात्रा नहीं करने को कहा है.

गौरतलब है कि असम के वन कर्मियों ने मंगलवार तड़के करीब तीन बजे मुकरोह इलाके में एक ट्रक को रोका था, जो कथित रूप से अवैध तरीके से काटी गईं लकड़ियां लेकर जा रहा था. इसके बाद भड़की हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें असम का एक वन कर्मी और मेघालय के पांच नागरिक शामिल थे. मेघालय सरकार ने सात जिलों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी हैं, जबकि असम पुलिस ने सीमावर्ती जिलों में ‘अलर्ट’ किया है और उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा मामले की जांच का आदेश दिया है.

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा को ‘टैग’ करते हुए एक ट्वीट में शिकायत की कि असम पुलिस व वन विभाग के कर्मियों ने ‘‘मेघालय में प्रवेश किया और बेवजह गोलीबारी की.’’ मेघालय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी की सहयोगी है.

असम पुलिस के अधिकारियों ने हालांकि दावा किया कि ट्रक को राज्य के वेस्ट कार्बी आंगलोंग जिले में वन विभाग के एक दल ने रोका और मेघालय की ओर से भीड़ ने बाद में वन विभाग के कर्मियों तथा पुलिसकर्मियों पर हमला किया, जिस कारण असम की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गोलीबारी की गई.

Tags: Amit shah, Assam news, Conrad Sangma, Himanta biswa sarma

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