इंटरव्यू: गलतफहमी के कारण रिश्तों में आई दरार यूं कर सकते हैं खत्म, जानें क्यों जरूरी है कंसेंट?

गाजियाबाद. रिश्तों में समस्याओं के कारण दरार आना कोई नई बात नहीं है. ऐसी दिक्कतें नए और पुराने दोनों रिश्तों में बराबर देखने को मिलती हैं. यही नहीं, कई बार गलतफहमी होने के कारण रिश्ते वापस पहले की तरह उतने अच्छे नहीं रह पाते हैं. हालांकि एक बेहतर रिलेशनशिप में अनुमति एक ऐसा फैक्टर है, जो आप में और आपके पार्टनर में कभी भी गलतफहमी को फलने फूलने नहीं देगा. इस वक्‍त टिंडर इंडिया (Tinder India) की तरफ से लेट्स टॉक कंसेंट (Let’s Talk Consent) अभियान देशभर में चलाया जा रहा है. इसके तहत युवाओं को कंसेंट के बारे में जानकारी दी जा रही है. क्या है कंसेंट और यह कैसे काम करता है?

इस लेट्स टॉक कंसेंट को लेकर कंट्री डायरेक्टर ऑफ कम्युनिकेशन (टिंडर इंडिया) अहाना धर से News 18 Local ने खास बातचीत की. इस दौरान उन्‍होंने सभी सवालों का बेबाकी से जवाब दिया है. आइए जानें…

  • आजकल के रिश्तो में कंसेंट की भूमिका?

    रिश्ते में सबसे ज्यादा जरूरी होता है दूसरों की पसंद को जानना. कंसेंट किसी भी रिलेशनशिप में एक अहम फैक्टर की तरह काम करता है. आप जैसे दूसरे को ट्रीट करें, तो वह आपको भी उसी तरीके से ट्रीट करेगा. मेरे हिसाब से कंसेंट के बारे में बहुत पहले से बात होनी चाहिए थी.

  • लेट्स टॉक कंसेंट अभियान की जरूरत क्यों?

    टिंडर ऐप कंसेंट के आधार पर ही बनाया गया था. ऐप में मेल और फीमेल यूजर दोनों ही जब राइट स्वाइप करते हैं, सिर्फ तभी लोग एक दूसरे से बात कर पाते हैं. पिछले साल से लेट्स टॉक कंसेंट अभियान शुरू किया गया था. जिसमें कंसेंट की बेसिक समझ को बताया गया था. इसके अलावा एक वेबसाइट भी बनी थी, जिस पर कोई भी युवा जाकर अपनी बात रख सकता था. कुछ शॉर्ट फिल्म्स के माध्यम से भी कंसेंट के बारे में जागरूकता फैलाने की कोशिश की गई.

    यूजर की सेफ्टी का ध्यान कैसे रखा जाता है?

    किंडर में ऐसे कई सारे टूल हैं जो आपकी सुरक्षा और आपकी प्राइवेसी को सुनिश्चित करते हैं. इसके अलावा एक ब्लॉक फीचर भी है, जिसका इस्तेमाल करके आप उन लोगों से अपनी आईडी को छुपा सकते हैं, जिनको आप अपना अकाउंट नहीं दिखाना चाहते हैं.

    भविष्य को लेकर क्या है प्लान?

    युवाओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन डेटिंग का करिकुलम तैयार किया जाएगा. यूनिवर्सिटी और कॉलेज के युवाओं को बेहतर रिलेशनशिप के लिए जागरुक किया जाएगा.

    रिश्तों में क्या है सबसे बड़ी गलती?

    आपको रिश्तों में रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग का मतलब समझ आना चाहिए. रेड फ्लैग वो सारी चीजें हैं, जो आपको समझाती हैं कि आपकी तरह आपका पाटनर भी रिश्ते में उतना इच्छुक नहीं है. ग्रीन फ्लैग आपको आपस में उस प्यारे से रिश्ते का एहसास कराता है, जो आप को सुकून पहुंचाता हो. लिहाजा रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग में अंतर समझना काफी जरूरी है.

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    FIRST PUBLISHED : September 22, 2022, 11:20 IST

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