कर्नाटक का प्रवीण नेत्तारू हत्याकांड भारत को इस्लामिक गणराज्य बनाने की PFI की साजिश का नतीजा- NIA

हाइलाइट्स

देश में इस्लामिक एजेंडे को अंजाम देने बनाईं 3 गुप्त टीमें
पीएफआई ने सेवा दल के सदस्यों को किया था ट्रेंड
आतंक फैलाने के इरादे से की गई प्रवीण नेत्तारू की हत्या

नई दिल्ली. कर्नाटक में बहुचर्चित प्रवीण नेत्तारू हत्याकांड की जांच कर रही है एनआईए के सामने कई चौंकानेवाली जानकारियां सामने आई हैं. एनआईए के मुताबिक पूरे पीएफआई काडर को दक्षिण भारत में इस सोच के साथ तैयार किया जा रहा था कि उनके भीतर ये विचार बस जाए कि 2047 तक इस्लामिक गणराज्य भारत को बनाना है. इसके लिए एनआईए ने पूरी तैयारी कर रखी थी. आरोपियों को टारगेट चुनने और हत्याकांड को अंजाम देने की खास ट्रेनिंग दी गई थी. कर्नाटक की स्थानीय अदालत में दाखिल एनआईए की चार्जशीट में इस बात का जिक्र है कि पीएफआई पिछले एक साल से लगातार अपने कैडरों को धारदार हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहा था. एनआईए ने अपनी चार्जशीट में ये सबूत आरोपियों से पूछताछ के आधार पर जुटाए हैं.

गौरतलब है कि एक और अन्य मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने यह खुलासा किया है कि पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की भी मदद कर रहा है और उनके कैडरों को भारत में तैयार कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों में अलकायदा आईएसआईएस और लश्कर शामिल हैं. अब प्रवीण नेत्तारू हत्याकांड में इन सारी जानकारियों को एनआईए ने अपना अदालती दस्तावेज बनाया है, जिसे वह अदालत में साबित करने की अपनी पुरजोर कोशिश करेगी.

इस्लामिक एजेंडे को अंजाम देने बनाईं 3 गुप्त टीमें
जांच से पता चला कि पीएफआई ने आतंक, सांप्रदायिक घृणा और समाज में अशांति पैदा करने के अपने एजेंडे के तहत और 2047 तक इस्लामिक शासन स्थापित करने के अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सर्विस टीम या किलर स्क्वायड नामक गुप्त टीमों का गठन किया था. ‘कथित दुश्मन’ और लक्ष्य. कुछ समुदायों और समूहों से संबंधित व्यक्तियों / नेताओं की पहचान करने, उन्हें सूचीबद्ध करने और उन पर निगरानी रखने के लिए इन सेवा दल के सदस्यों को हथियारों के साथ-साथ निगरानी तकनीकों में हमले का प्रशिक्षण और प्रशिक्षण भी दिया गया था.

पीएफआई ने सेवा दल के सदस्यों को किया था ट्रेंड
पीएफआई के वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर इन सेवा दल के सदस्यों को पहचान किए गए लक्ष्यों पर हमला करने/मारने के लिए और प्रशिक्षित किया गया था. बेंगलुरू शहर, सुलिया टाउन और बेल्लारे गांव में आयोजित पीएफआई सदस्यों और नेताओं द्वारा साजिश की बैठकों को आगे बढ़ाने में, जिला सेवा दल के प्रमुख मुस्तफा पचर को एक विशेष समुदाय के एक प्रमुख सदस्य की पहचान करने और निशाना बनाने का निर्देश दिया गया था. निर्देशों के अनुसार, चार व्यक्तियों का पता लगाया गया और उनकी पहचान की गई और उनमें से प्रवीण नेत्तारू, जो भाजपा युवा मोर्चा, जिला समिति सदस्य थे, उन पर 26 जुलाई 2022 को घातक हथियारों से हमला किया गया. बड़े पैमाने पर लोगों के बीच आतंक पैदा करने के लिए घातक हथियारों से उनकी हत्या कर दी गई.

आतंक फैलाने के इरादे से की गई हत्या
एनआईए की चार्जशीट के मुताबिक पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं/ सदस्यों द्वारा दक्षिण कन्नड़ जिले के सुलिया तालुका के बेल्लारे गांव में भाजपा युवा मोर्चा के सदस्य प्रवीण नेत्तारू की हत्या समाज में आतंक फैलाने के इरादे से की गई. आरोपी व्यक्तियों पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं 120बी, 153ए, 302 और 34 और यूए (पी) अधिनियम, 1967 की धारा 16, 18 और 20, शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1)(ए) के तहत आरोप पत्र दायर किया गया है.

Tags: Karnataka News, NIA, PFI

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