कहीं आप नकली बेसन के पकौड़े तो नहीं खा रहे हैं, ऐसे करें असली और नकली में फर्क

कहीं आप नकली बेसन के पकौड़े तो नहीं खा रहे हैं, ऐसे करें असली और नकली में फर्क

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कैसे करते है म‍िलावट

कैसे करते है म‍िलावट

नकली बेसन को असली बेसन का रुप देने के ल‍िए इसमें मक्के के आटे को मिक्स करके बेचा जाता है। इसके अलावा गेंहू के आटे में कृत्रिम रंग मिलाकर बेसन में मिक्स कर देते हैं। ऐसे में कई बार असली बेसन की पहचान करना कभी-कभी बहुत मुश्किल लगता है लेकिन, नामुमकिन नहीं।

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ऐसे करें मिलावट की पहचान

ऐसे करें मिलावट की पहचान

अगर आपके घर में हाइड्रोक्लोरिक एसिड है, तो आप आसानी से कुछ ही मिनटों में ये जांच कर सकती हैं कि बेसन असली है या मिलावटी। इसके लिए आप एक बर्तन में तीन से चार चम्मच बेसन को पानी में घोल दीजिए। घोलने के बाद इस मिश्रण में एक से दो चम्मच हाइड्रोक्लोरिक एसिड को डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दीजिए। कुछ देर बाद अगर बेसन किसी अन्य रंग में दिखाई दें तो समझ जाइए बेसन में मिलावट है।

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नींबू से जांचिए

नींबू से जांचिए

नींबू और हाइड्रोक्लोरिक एसिड के मिश्रण से भी आप जांच कर सकती हैं कि बेसन में मिलावट है या नहीं। अगर बेसन में खेसारी का आटा मिक्स है, तो इस विधि से चंद सेकेंड में मालूम चल जाता है कि बेसन नकली है। इसके लिए आप सबसे पहले नींबू के रस और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का एक मिश्रण तैयार कर लीजिए। अब इस मिश्रण को बेसन पर डालकर कुछ देर के लिए छोड़ दीजिए। अगर बेसन लाल, भूरा आदि रंग में दिखाई दें, तो ये समझ सकती हैं कि बेसन में मिलावट है।

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हो सकती है स्‍वास्‍थय से जुड़ी परेशानी

हो सकती है स्‍वास्‍थय से जुड़ी परेशानी

मिलावटी बेसन के खाने से एक नहीं बल्कि कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। कहा जाता है कि अगर बेसन में खेसारी का आटा मिक्स हो, तो इसके सेवन से जोड़ों में दर्द हो सकता है। मिलावटी बेसन के इस्तेमाल से पेट की समस्या भी हो सकती है। कई बार बेसन में केमिकल का इस्तेमाल होता है, जो दिल और दिमाग के लिए भी सही नहीं होता है। मैटानिल रंग वाला बेसन किडनियों और लिवर को खासा नुकसान पहुंचाता है। इससे लोगों का हाजमा भी बिगड़ जाता है।

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