केंद्र की चेतावनी के आगे ढीला पड़ा Twitter, भागवत समेत कई RSS नेताओं के Blue Tick बहाल

नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central Government) की चेतावनी के बाद ट्विटर (Twitter) ने नरमी का रुख अपनाते हुए अपनी गलती सुधार लिया है. जिसके बाद राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) समेत सभी आरएसएस नेताओं के ट्विटर अकाउंट पर ब्लू टिप को वापस बहाल कर दिया गया है.

दरअसल, शनिवार सुबह से ही ट्विटर ब्लू टिक का खेल खेल रहा है. सबसे पहले उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाया गया था, जिसपर ट्विटर ने नियमों का हवाला देते हुए खुद को बचा लिया था. लेकिन इसके थोड़ी ही देर बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संघ के नेता कृष्ण गोपाल समेत कई अन्य संघ कार्यकर्ताओं के ट्विटर अकाउंट से भी ब्लू टिक हटाए जाने की खबरें मिली. जब विवाद बढ़ा तो उपराष्ट्रपति के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक री स्टोर कर दिया गया, लेकिन आरएसएस नेताओं के अकाउंट से ब्लू टिक नजर नहीं आया. 

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इन नेताओं के अकाउंट हुए अनवेरिफाई

हालांकि अब ट्विटर ने एक बार फिर अपनी गलती सुधारी है और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, संघ के नेता कृष्ण गोपाल समेत अन्य सभी संघ नेताओं के ट्विटर अकाउंट पर लगे ब्लू टिक को वापस कर दिया है. मोहन भागवत और कृष्ण गोपाल के अलावा जिन संघ नेताओं के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटाया गया था उनमें सुरेश सोनी, अरुण कुमार और सुरेश जोशी जैसे लोग शामिल थे. आपको बता दें कि ट्विटर से ब्लू टिक हटाने का मतलब होता है कि ट्विटर ने उस अकाउंट को अनवेरिफाई कर दिया है.

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केंद्र की चेतावनी मिलने पर ट्विटर ने मानी बात

बताते चलें कि भारत सरकार ने नए आईटी नियमों (New IT Rules) के पालन के लिए ट्विटर को फाइनल नोटिस भेज दिया है. इस नोटिस में सरकार ने ट्विटर को कहा कि वह 26 मई से सोशल मीडिया के लिए लागू की गई शर्तों का तुरंत पालन करे और अगर ट्विटर ने ऐसा नहीं किया तो सरकार भी ट्विटर पर क़ानूनी कार्रवाई कर सकती है. सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि अगर उसे भारत में रहना है तो उसे देश के नियम कायदे कानून मानने ही पड़ेंगे.

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