गुजरात चुनाव: सोमनाथ को जीतने की कोशिश में भाजपा, कांग्रेस के गढ़ के लिए बनाई ये रणनीति

हाइलाइट्स

गुजरात चुनाव में गिर सोमनाथ की सीटें बड़ी चुनौती
कांग्रेस का गढ़ है सोमनाथ, सभी सीटों पर मिली थी जीत
भाजपा ने बनाई नयी रणनीति, जताई जीत की उम्‍मीद

गिर सोमनाथ (गुजरात). गुजरात विधानसभा चुनाव ( Gujarat Election) में सोमनाथ को कांग्रेस (Congress) का गढ़ माना जाता है. 2017 में कांग्रेस ने यहां की सभी चारों सीटों पर जीत दर्ज की थी. इस बार भाजपा ने यहां चुनाव में जीत हासिल करने के लिए नई रणनीति बनाई है. गुजरात के गिर सोमनाथ से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार मानसिंह परमार ने भरोसा जताया कि इस बार चारों सीटों पर भाजपा की जीत होगी.

एएनआई से बात करते हुए मानसिंह परमार ने कहा कि हमें अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर भरोसा है. हम सोमनाथ में जीतेंगे. पार्टी ने पिछली बार समुदाय को ध्यान में नहीं रखा था, इसलिए हम यहां हार गए थे. इस बार हर पहलू का ख्याल रखा गया है. पार्टी ने सही उम्मीदवार को टिकट दिया है. इस क्षेत्र में कास्‍ट फैक्‍टर के प्रभुत्व के बारे में पूछे जाने पर, परमार ने कहा कि अगर जिले भर में फैले सभी समुदायों को साथ लिया तो पार्टी जिले में जीत हासिल करेगी. परमार खुद राजपूत समुदाय से आते हैं.

सभी को साथ लेकर चलने पर जीत मिलेगी 

मानसिंह परमार ने कहा कि ऐसा नहीं है कि केवल समुदाय ही एकमात्र कारण रहा है. सोमनाथ में ज्‍यादातर लोग ओबीसी से हैं. ऐसे तो यहां हर समुदाय के लोग हैं, ऐसे में उन्‍हें लगता है कि उनके समुदाय से प्रतिनिधित्‍व मिलना चाहिए. गिर सोमनाथ में चार विधानसभा क्षेत्र हैं, एक कराडिया राजपूत है, दूसरे में अहीर है, तीसरे में है ओबीसी और चौथे में कोली हैं. अगर हम सभी को साथ लेकर चलेंगे तो हम जीतेंगे.

गुजरात में कई पार्टियां आती रहीं हैं: परमार 

आम आदमी पार्टी के बारे में बात करते हुए, परमार कहा कि गुजरात में “आप की मुफ्तखोरी नहीं चलेगी.” उन्होंने कहा, ”इस बार आप आई है. पिछली बार भी अन्य पार्टियां आई थीं. कई पार्टियां आती रहती हैं. उनका कोई प्रभाव नहीं होता है. यहां आप की मुफ्तखोरी नहीं चलेगी. यह गुजरात के लोगों ने देखा है कि पिछले 30 वर्षों में विकास किया गया है. मानसिंह परमार ने कहा, “चारों सीटें भाजपा की झोली में आएंगी. हमें पूरा भरोसा है.” बीजेपी प्रत्याशी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में भी पाटीदार फैक्टर का असर था. “पाटीदार फैक्टर का पिछली बार भी प्रभाव पड़ा था क्योंकि ऊना और तलाला निर्वाचन क्षेत्रों में यह फैक्टर प्रभावी है.

2017 में सोमनाथ की चारों सीटों पर कांग्रेस को मिली थी जीत

सोमनाथ में करीब 2,62,000 मतदाता हैं. सोमनाथ वह जगह है जहां बीजेपी के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी ने 1990 के दशक में रथ यात्रा निकाली थी. गुजरात में भाजपा सरकार बनाने में सोमनाथ की अहम भूमिका निभाई थी. 2007 में भाजपा ने 4 में से 3 पर जीत हासिल की थी. इसके बाद 2012 में बीजेपी को 4 में से सिर्फ एक सीट मिली थी. इसके बाद 2017 में सोमनाथ की 4 सीटों पर हार गई थी. यहां 1 और 5 दिसंबर को मतदान होगा और 8 दिसंबर को नतीजे आएंगे.

Tags: Assembly election, BJP, Gujarat Elections

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