गोपालगंज के सबेया एयरपोर्ट की निकली 700 एकड़ जमीन, अब 'उड़ान' के लिए होगा काम!

गोपालगंज. केंद्र सरकार की उड़ान योजना ‘उड़े देश का आम नागरिक’ योजना में शामिल बिहार का इकलौता सबेया एयरपोर्ट की जमीन का सर्वे कार्य रक्षा मंत्रालय ने लगभग पूरा कर लिया है. पहले यह जमीन 517 एकड़ में थी, लेकिन सर्वे के बाद एयरपोर्ट की जमीन 700 एकड़ निकली है.

द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान 1868 ई. में बने गोपालगंज के सबैया एयरपोर्ट का रनवे अभी भी है. जिला प्रशासन अब एयरपोर्ट की जमीन को चारों तरफ से बाउंड्री कराएगा. इसके बाद नागर विमान मंत्रालय की ओर से एयरलाइंस कंपनियों की बोली प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी.

अधिकारियों के साथ एयरपोर्ट का निरीक्षण करने पहुंचे गोपालगंज के सांसद सह जदयू के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉक्टर आलोक कुमार सुमन ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहल कर उपेक्षित एयरपोर्ट को विकसित करने का काम किया है. एयरपोर्ट की जमीन का सर्वे और बाउंड्री नहीं होने के कारण एयरलाइंस कंपनियां पिछले तीन बार की नीलामी से इस एयरपोर्ट को लेने में रुचि नहीं दिखा रही है.

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लेकिन, अब सबेया एयरपोर्ट को एयरलाइंस कंपनियां ले सकती है. सांसद ने कहा कि गोपालगंज और सिवान के डेढ़ लाख से ज्यादा लोग हर साल खाड़ी देशों में काम करने के लिए जाते हैं. बिहार में सिवान और गोपालगंज में विदेशी मुद्रा सबसे अधिक आती है. इसलिए इस एयरपोर्ट के चालू होने से गोपालगंज सिवान, छपरा, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण समेत यूपी के कई इलाकों से लोगों को लाभ मिलेगा.

वहीं, हथुआ एसडीएम राकेश कुमार ने बताया कि एयरपोर्ट की जमीन 11 रकबा में पाई गई है. कुछ हिस्सों में अतिक्रमण किया गया है, जिसे हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. वहीं दूसरी तरफ सबेया एयरपोर्ट के चालू होने की उम्मीद पर इलाके के लोगों में खुशी का माहौल है.

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