चीनी गतिविधियों पर नजर रखेंगे नए रडार और हथियार, वायु सेना प्रमुख बोले- सैद्धांतिक पहलुओं से समझौता नहीं

हाइलाइट्स

आईएसआर इंटेलिजेंस सर्विलांस से एलएसी की निगरानी
हम अपने वायु रक्षा प्रयासों को बढ़ाकर लगातार इसकी निगरानी कर रहे: VR चौधरी

नई दिल्ली. चीनी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वायुसेना ने एलएसी पर नए राडार और हथियारों की तैनाती के साथ प्रयास तेज कर दिए हैं. एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने मंगलवार को कहा कि भारतीय वायु सेना ने क्षेत्र में चीनी वायु गतिविधि पर नजर रखने के लिए एलएसी के साथ बड़ी संख्या में रडार और सतह से हवा में निर्देशित हथियार ‘एसएजीडब्ल्यू’ प्रणाली शामिल की है. भारतीय वायुसेना के सैद्धांतिक पहलुओं से नए ढांचे से समझौता नहीं किया जाना चाहिए.

वायुसेना प्रमुख ने 8 अक्टूबर को वायु सेना दिवस से पहले एक संवाददाता सम्मेलन में कहा- ‘जहां तक चीन द्वारा हाल के हवाई उल्लंघन या बढ़ी हुई हवाई गतिविधि का संबंध है, हम वहां अपने वायु रक्षा प्रयासों को बढ़ाकर लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं. हमने अपने राडार और सरफेस टू एयर गाइडेड वेपन सिस्टम की उपस्थिति बढ़ा दी है. हमने उन्हें एकीकृत वायु कमान और नियंत्रण प्रणाली ‘आईएसीसीएस’ नेटवर्क में एकीकृत किया है और उचित गैर एस्केलेटरी वायु रक्षा उपाय हमेशा समय पर किए जाते हैं.’

एआईसीसीएस वायु रक्षा एडी संचालन के लिए एक स्वचालित कमांड और नियंत्रण प्रणाली है. उन्होंने कहा- ‘अब तक की गई कार्रवाइयों से हम अपनी मंशा और अपनी तैयारी की स्थिति का संकेत देने में सक्षम हैं’ शीर्ष आईएएफ अधिकारी ने कहा कि एलएसी के साथ विशिष्ट टकराव वाले बिंदुओं पर विघटन हुआ है. आदर्श स्थिति यथास्थिति में लौटने और एलएसी के साथ सभी बिंदुओं से पूर्ण वापसी की है.

आईएसआर इंटेलिजेंस सर्विलांस से एलएसी की निगरानी
उन्होंने कहा-‘हम आईएसआर इंटेलिजेंस सर्विलांस टोही प्रयासों के माध्यम से एलएसी की निगरानी जारी रखते है.‘ उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे के विकास में आधुनिक उपकरणों को शामिल करने, प्रशिक्षण और रणनीति के संदर्भ में तैयारी एक निरंतर प्रयास है. चाहे किसी भी तरह का युद्ध हो. भारत और चीन के बीच कई विश्वास निर्माण उपाय किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने की कोशिश करता है कि किसी भी सीबीएम का उल्लंघन न हो.

Tags: LAC India China, New Delhi news

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