चीन ने फिर दी गीदड़ भभकी, कहा-ताइवान को मिलाने के लिए मिलिट्री का इस्तेमाल भी संभव

हाइलाइट्स

चीन ने ताइवान को नियंत्रण में लाने के लिए सैन्य बल का उपयोग करने की अपनी धमकी को दोहराया है
चीन ने कहा, वह सैन्य बल के उपयोग को छोड़ने की वह प्रतिज्ञा नहीं करता है
ताइवान ने जवाब में कहा, वह अपनी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है

नई दिल्ली. ताइवान सीमा पर आक्रामक युद्धाभ्यास करने के एक सप्ताह बाद भी चीन अपनी गीदड़ भभकी से बाज नहीं आ रहा है. उसने एक बार फिर धमकी देते हुए कहा है कि चीन ताइवान को मिलाने के लिए सैन्य बल के इस्तेमाल का विकल्प भी खुला रखा है. बुधवार को चीन ने स्व-शासित ताइवान को अपने नियंत्रण में लाने के लिए सैन्य बल का उपयोग करने की अपनी धमकी को दोहराया है. चीनी सैन्य अभ्यास के बाद दोनों के बीच उच्चतम स्तर का तनाव बरकरार है. गौरतलब है कि अमेरिकी सीनेट की स्पीकर नैंसी पेलोसी का ताइवान यात्रा के बाद चीन ने खुले तौर पर धमकी दी थी और इसके तहत उसने आक्रामक युद्धाभ्यास किया था. चीन ने लाइव मिसाइल फायरिंग की थी और उसके युद्धक जहाजों और लड़ाकू विमानों ने ताइवान के जल और नभ में घुसपैठ किया था.

सैन्य बल के इस्तेमाल को छोड़ने की प्रतिज्ञा नहीं करता है चीन
चीन का यह बयान ताइवान मामलों पर कैबिनेट कार्यालय और उसके समाचार विभाग द्वारा जारी किया गया है. चीनी बयान में कहा गया है कि बीजिंग ताइवान के साथ शांतिपूर्ण एकीकरण चाहता है, लेकिन सैन्य बल के उपयोग को छोड़ने की वह प्रतिज्ञा नहीं करता है. चीन ने कहा कि वह ताइवान को मिलाने के लिए अपने सभी आवश्यक विकल्पों को बरकरार रखता है. ताइवान को लक्ष्य कर चीन के हालिया सैन्य अभ्यास के कारण सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक में बाधा उत्पन्न हो गया था और हवाई सेवा भी प्रभावित हुई थी. इससे वैश्विक सप्लाई चेन को भी नुकसान पहुंचा था. अमेरिका, जापान सहित कई देशों ने चीन की इस कार्रवाई की निंदा की थी. लेकिन चीन अपनी धमकी से बाज नहीं आ रहा है.

ताइपे को अपनी सुरक्षा का अधिकार

चीन ने इसके जवाब में कहा कि वह अमेरिका, ताइवान के चीफ मिलिट्री और राजनीतिक समर्थक के साथ समुद्री सुरक्षा से लेकर जलवायु परिवर्तन तक के मुद्दों पर बातचीत को स्थगित कर दिया है. चीन ने कहा कि नैंसी पेलोसी की ताइवान यात्रा के विरोध में यह कदम उठाया है. उधर ताइवान ने कहा कि नैंसी पेलोसी जैसी यात्रा रूटीन यात्रा है और चीन ने इसका इस्तेमाल केवल अपनी धमकियों को बढ़ाने के बहाने के रूप में करता है. चीन के इस कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने चेतावनी देते हुए कहा है कि चीन का यह सैन्य अभ्यास पश्चिमी प्रशांत के बड़े क्षेत्रों को नियंत्रित करने की महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है, लेकिन ताइपे अपनी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अपनी रक्षा के लिए अपनी तत्परता को रेखांकित करते हुए युद्धाभ्यास भी किया है.

जोसेफ वू ने कहा कि चीन ताइवान जलडमरूमध्य के माध्यम से दक्षिणी चीन सागर को नियंत्रित कर ताइवान की नाकेबंदी करना चाहता है ताकि युद्ध की स्थिति में अमेरिका और उसके सहयोगियों को ताइवान की सहायता करने से रोका जाए. इस बीच बीजिंग ने अपने युद्धाभ्यास को आगे तक के लिए बढ़ा दिया है.

Tags: America, China, Taiwan

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