जी मिचलाना हो सकता है डायवर्टिकुलाइटिस का लक्षण, जानिए इसके घरेलू उपचार

हाइलाइट्स

अदरक, लहसुन, हल्दी और एलोवेरा इसका घरेलू ट्रीटमेंट करते हैं
डायवर्टीकुलिटिस लार्ज इंटेस्टाइन पर बुरा असर डालता है
इसमें उल्टी और थकान जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं

Best home remedies for Diverticulitis : डायवर्टिकुलाइटिस आज पेट से जुड़ी एक आम समस्या बन चुकी है. इस बीमारी में लार्ज इंटेस्टाइन की वॉल्स पर छोटे छोटे पाउच बन जाते हैं, जिन्हें डायवर्टिकुला कहते हैं. ये पाउच इंटेस्टाइन से बाहर निकलते हैं और दूसरे बैक्टीरिया-वायरस के संपर्क में आकर इनफेक्ट हो जाते हैं, जिससे कई बड़ी परेशानियों भी जन्म लेती हैं. जी मिचलाने से लेकर स्टूल में खून आने तक ढेरों लक्षण हैं जो डायवर्टिकुलाइटिस की पहचान कराते हैं. इसके लक्षण हैं- कब्ज़, उल्टी और फीवर. उम्र के साथ इस बीमारी का खतरा भी बढ़ता है और खराब लाइफस्टाइल, स्मोकिंग और मोटापा इसके मुख्य कारण बनते हैं. खाने में फाइबर की मात्रा ज्यादा होना या विटामिन डी कम होना भी डायवर्टिकुलाइटिस की वजह होती है. आइए जानते हैं डायवर्टिकुलाइटिस से बचने के लिए क्या घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं.

डायवर्टीकुलिटिस को ठीक करने में सहायक हैं, ये होम रेमेडीज :
स्टाइल क्रेज के अनुसार एलोवेरा जूस – रोज़ 1-2 चम्मच एलोवेरा जूस पीने से डायवर्टिकुलाइटिस से बचा जा सकता है. इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो घाव भरने में मदद करते हैं और इंफेक्टेड डायवर्टीकुला को सही करने में सहायक होते हैं.

जिंजर टी – डायवर्टिकुलाइटिस के लिए दिन में 2 बार थोड़े से अदरक को पानी में गरम करके जिंजर टी तैयार कर लें. ये टी इंफेक्टेड डाइजेस्टिव ट्रैक्ट को आराम पहुंचाता है और पेट की मांसपेशियों को शान्त करता है जिससे डायवर्टिकुलाइटिस का खतरा कम हो जाता है.

हल्दी वाला दूध – 1 ग्लास दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पी लें. इसमें मौजूद करक्यूमिन एंटीमाइक्रोबियल गुणों से भरा होता है जो डायवर्टीकुला को इन्फेक्शन से बचाता है और डायवर्टिकुलाइटिस का इलाज आसान बना देता है.
बैलेंस्ड डाइट – डायवर्टीकुलिटिस से बचने के लिए कम फाइबर और ज्यादा पानी वाली डाइट लें. चाय, कॉफी, आइस चिप्स और बिना पल्प के फ्रूट जूस का सेवन भी इस समस्या का अच्छा समाधान है.
एप्पल साइडर विनेगर – दो चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को थोड़े गरम में अच्छे से मिलाकर पी लें. इसमें एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो डायवर्टीकुला को बढ़ने और इनफेक्ट होने से बचा लेता है.
लहसुन का जूस – लहसुन की कुछ कलियां लें और एक छोटा चम्मच जूस तैयार कर लें. इसका सेवन बॉडी में एंटीमाइक्रोबियल गुण पैदा करता है जो डायवर्टिकुलाइटिस से बचाव में मददगार होता है.

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Tags: Health, Home Remedies, Lifestyle

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