तमिलनाडुः छुआछूत के मामले में दोषी 5 युवकों के गांव में जाने पर रोक, कोर्ट ने दिया आदेश

तेनकासी. तिरुनेलवेली विशेष अदालत ने तमिलनाडु के तेनकासी जिले के शंकरनकोविल के पास पंचकुलम स्कूली बच्चों के साथ छुआछूत के संबंध में पांच दोषियों को छह महीने के लिए गांव में प्रवेश करने से प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया है. स्कूली छात्रों से छुआछूत की इस घटना से पूरे तमिलनाडु में भारी हड़कंप मच गया था. यह घटना उस समय हुई जब एक जाति के कुछ लोग स्कूल के पास एक दुकान चला रहे थे और अनुसूचित जाति के बच्चों को नाश्ता बेचने से मना कर दिया था. पुलिस महानिरीक्षक (दक्षिण क्षेत्र) असरा गर्ग ने हाल ही में उन आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) (एससी / एसटी (पीओए) अधिनियम के बाहरी प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की.

मामले की सुनवाई करते हुए विशेष अदालत के न्यायाधीश वी पद्मनाभन ने विशेष रूप से पांच आरोपियों को छह महीने के लिए गांव में प्रवेश करने से रोक दिया. पुलिस ने अनुसूचित जाति समुदाय के स्कूली बच्चों को स्नैक्स बेचने से इनकार करने के मामले में पांच में से तीन आरोपित, महेश्वरन और रामचंद्रन उर्फ ​​मूर्ति और कुमार को गिरफ्तार किया है और सुथा व मुरुगन की तलाश कर रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया था कि अनुसूचित जाति के बच्चों के एक समूह ने बीते शनिवार को नाश्ता और कैंडी खरीदने के लिए महेश्वरन की दुकान पर पहुंचे. इस दौरान उसने उन्हें सामान देने से मना कर दिया और कहा कि उन्हें नाश्ता व कैंडी या उसकी दुकान से कुछ भी नहीं मिलेगा.

जब बच्चों ने इसका कारण पूछा तो उसने बताया कि उनके समुदाय के गांव के बुजुर्गों ने फैसला किया है कि वे अनुसूचित जाति के लोगों को कुछ भी नहीं बेचेंगे. महेश्वरन के स्नैक्स और कैंडी देने से इनकार करने का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो तेनकासी के जिला अधिकारी पी. आकाश ने मामले में हस्तक्षेप कर जांच के आदेश दिये.

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FIRST PUBLISHED : September 22, 2022, 06:09 IST

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