नदी जल विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने आंध्र को कर्नाटक के खिलाफ 19 साल पुराना मुकदमा वापस लेने की अनुमति दी

हाइलाइट्स

उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश द्वारा कर्नाटक के खिलाफ दायर एक मुकदमे को बंद कर दिया है
प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट एवं न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की पीठ ने इस तथ्य पर गौर किया
19 साल बीत चुके हैं और अंतरिम राहत दिए जाने या नहीं दिए जाने के दृष्टिकोण से मामले पर विचार करना बेहद कठिन होगा

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) द्वारा कर्नाटक (Karnataka) के खिलाफ दायर एक मुकदमे को बंद कर दिया है जिसमें केंद्र को उत्तरी पेन्नार नदी के पानी के बंटवारे से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए अंतर-राज्य नदी जल न्यायाधिकरण स्थापित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था.

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित और न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट एवं न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की पीठ ने इस तथ्य पर गौर किया कि आंध्र प्रदेश ने 2003 में मूल मुकदमा दायर किया था और उस समय से बहुत पानी बह चुका है.

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न्यायालय ने नदी न्यायाधिकरण के गठन के लिए केंद्र से संपर्क करने सहित अन्य उपायों की तलाश के लिए आंध्र प्रदेश को मुकदमा वापस लेने की अनुमति दे दी.

पीठ ने कहा, ’19 साल बीत चुके हैं और अंतरिम राहत दिए जाने या नहीं दिए जाने के दृष्टिकोण से मामले पर विचार करना बेहद कठिन होगा.’’ आंध्र प्रदेश के मुकदमे में साक्ष्य की रिकॉर्डिंग 10 अप्रैल, 2012 को पूरी हो गई थी और तब से मामले में सुनवाई और निपटारे की प्रतीक्षा थी.

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यह बताए जाने के बाद कि विचाराधीन नदी तेलंगाना से नहीं गुजरती है, पीठ ने मामले से जुड़े तथ्यों पर गौर किया तथा आंध्र प्रदेश को मामला वापस लेने की अनुमति दे दी.

Tags: Andhra Pradesh, Karnataka, River, Supreme Court

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