पेपर लीक केस पर विधानसभा में हंगामा: गहलोत सरकार ने किया साफ, CBI जांच नहीं कराएंगे, बताई यह वजह

हाइलाइट्स

पेपर लीक केस पर विधानसभा में हंगामा
विपक्ष ने अशोक गहलोत सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी अपनी ही सरकार को जमकर घेरा

जयपुर. गहलोत सरकार (Gehlot governmen) ने साफ कर दिया है कि वह पेपर लीक मामले को जांच के लिए सीबीआई (CBI Investigation) को नहीं सौंपेगी. विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में पेपर लीक पर चर्चा के बाद मंत्री शांति धारीवाल ने यह जानकारी दी. उन्होंने पेपर लीक चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि सरकार नहीं चाहती कि मामला सीबीआई को सौंपकर उसकी जांच बरसों तक के लिए अटका दी जाए. सीबीआई को सौंपे गए पहले के मामलों का हाल भी कुछ ऐसा ही हुआ है.

पेपर लीक मसले पर मंगलवार को सदन में जोरदार चर्चा हुई. विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सरकार को घेरा. सदन में उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री कहते हैं कि भर्ती मामले में ना ही कोई नेता और ना ही कोई अधिकारी शामिल है. इस पर सचिन पायलट ने सवाल उठाया कि फिर पेपर तिजोरी से बाहर कैसे आ गया. अगर सरकार पूरे मामले की सही से जांच करें तो उनके सवाल का जवाब मिल जाएगा.

राठौड़ ने कहा सरकार को बेरोजगारों की हाय खा जाएगी
पेपर लीक चर्चा के दौरान विपक्ष ने बड़े आरोप लगाए. उप नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि छोटे लोगों को पकड़ा बड़ों पर कार्रवाई कब करेंगे. सरकार ने बड़े लोगों को बचाने का काम किया है. सरकार को बेरोजगारों की हाय खा जाएगी और उसे नस्तेनाबूत कर देगी. बीजेपी विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि सरकार ने झूठी वाहवाही लूटने के लिए मकान मालिक का 5 करोड़ का नुकसान कर दिया. वो अस्पताल में भर्ती है. उसे कार्रवाई के 15 लाख का डिमांड नोटिस भी भेज दिया.

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मदन दिलावर बोले सीबीआई जांच हो तो मंत्री-गृहमंत्री सब जेल जाएंगे
बीजेपी विधायक मदन दिलावर ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि पकड़े गए सभी आरोपी कांग्रेसी तभी पेपर स्ट्रॉग रूम से बाहर आया. मामले की अगर सीबीआई जांच हो तो मंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री जेल जाएंगे. आरएलपी विधायक नारायण बेनीवाल ने कहा जब तक आरपीएससी और कर्मचारी चयन बोर्ड में राजनीतिक नियुक्तियां होती रहेंगी और योग्य व्यक्तियों को मौका नहीं मिलेगा तो इसी तरह से पेपर आउट होते रहेंगे.

कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी भी बरसे
पेपर लीक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के विधायकों ने भी सरकार को घेरा. पूर्व मंत्री एवं विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि शिक्षा और परीक्षा से जुड़ी संस्थाओं पर शैक्षणिक लोग ही लगाए जाने चाहिए. दुनिया के अधिकांश मुल्कों को एकेडमीशियन मिल जाते हैं. क्या हमें एकेडमीशियन नहीं मिल पाते? हरीश चौधरी ने कम से कम मानवीय दखल का भी सुझाव दिया.

सीएम के सलाहकार बोले सब अपने-अपने में मस्त हैं
निर्दलीय विधायक एवं सीएम सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहा कि आरपीएससी, सरकार और अधीनस्थ बोर्ड सब अपनी-अपनी दुनिया में है. कोई धणी-धोरी नहीं है।. मंत्री सैकेट्री के खिलाफ प्रलाप कर रहे हैं. आरपीएससी में हम कैसे-कैसे लोगों को बिठाते हैं जो जिंदगीभर पर्स लेकर नहीं घूमते. आज तक सब्जी नहीं खरीदी. ऐसे लोग आरपीएसी में बैठ गए. जब तक संवैधानिक संस्थाओं का स्तर नहीं सुधारेंगे तब तक इसी तरह से नौजवान बर्बाद होता रहेगा. अगर आपने अपने सिस्टम को पुख्ता नहीं किया और अब एक भी पेपर ओर लीक हो गया तो आपको पानी पिलाने वाला भी नहीं मिलेगा.

Tags: Ashok Gehlot Government, Paper Leak, Rajasthan news, Rajasthan vidhan sabha

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