बिहार में 15% हुआ वन आवरण क्षेत्र, ईको टूरिज्म के लिए विकसित होंगे नए पर्यटन स्थल-नीतीश कुमार

हाइलाइट्स

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन और श्रम संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की.
सीएम नीतीश ने कहा कि ईको टूरिज्म के प्रबंधन एवं मेंटेनेंस को लेकर बिहार पर्यटन विभाग विभाग मुस्तैदी से काम करे.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जानकारी दी कि बिहार का हरित आवरण क्षेत्र बढ़कर अब 9 से 15 प्रतिशत तक पहुंच गया है.

पटना. बिहार में पर्यटन को बढ़ावा देने जाने के उद्येश्य से नीतीश सरकार ने नए स्थलों को चिन्हित करने का निर्णय लिया है. वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बिहार में जो पर्यटन स्थल विकसित किए गए हैं, उसके अतिरिक्त अन्य स्थलों का चयन करें; और उसे पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए कार्य करें. सीएम नीतीश ने अधिकारियों से कहा कि प्रकृति से सामंजस्य रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए. पर्यटक स्थलों तक की सड़कों के मेंटेनेंस का भी विशेष ध्यान रखें.

सीएम नीतीश ने कहा कि ईको टूरिज्म के प्रबंधन एवं मेंटेनेंस को लेकर बिहार पर्यटन विभाग विभाग मुस्तैदी से काम करे ताकि पर्यटन के क्षेत्र में और विकास हो. ईको टूरिज्म के विकास से राज्य में आनेवाले पर्यटकों की संख्या तो बढ़ेगी ही स्थानीय लोगों की भी आमदनी बढ़ेगी. बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन और श्रम संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक की. इस बैठक में मुख्यमंत्री ने दोनों विभागों के अधिकारियों को कई विशेष निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद राज्य का हरित आवरण क्षेत्र 9 प्रतिशत रह गया था. राज्य का हरित आवरण क्षेत्र बढ़कर अब 15 प्रतिशत तक पहुंच गया है. जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी. राजगीर गया और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में पौधारोपण के लिए बीज डाले गए जिससे वृक्षों की संख्या बढ़ी है. राज्य का हरित आवरण क्षेत्र कम से कम 17 प्रतिशत तक हो जाए इसके लिए लक्ष्य के अनुरूप तेजी से और पौधारोपण कराएं.

सीएम नीतीश ने कहा कि राज्य में जलवायु अनुकूल किए गए कार्यों की प्रशंसा देश के बाहर भी हो रही है. कलाइमेट चेंज को लेकर संयुक्त राष्ट्र के उच्चस्तरीय राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में मुझे राज्य सरकार द्वारा चलाये जा रहे जल जीवन हरियाली अभियान के संबंध में संबोधित करने का मौका मिला था, जिसमें मैंने इसके संबंध में विस्तार से जानकारी दी थी.

श्रम संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सात निश्चय योजना के अंतर्गत कुशल युवा कार्यक्रम की शुरुआत की गई. इसके तहत युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है ताकि उन्हें रोजगार हासिल करने में सहूलियत हो. हमने कुशल युवा कार्यक्रम के कई सेंटर को भी जाकर देखा है. वहां बच्चों से बातचीत की और व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी ली है. कुशल युवा कार्यक्रम के संबंध में अधिक से अधिक युवाओं तक जानकारी पहुंचाएं ताकि वे इसका लाभ उठा सकें. उन्होंने कहा कि जिन आई०टी०आई० भवनों का निर्माण अभी पूर्ण नहीं हुआ है, उन्हें जल्द पूर्ण करें.

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