भारत की बात सुन हरकत में आया अमेरिका, वीजा वेटिंग टाइम कम करने को उठाने जा रहा यह कदम

नई दिल्ली: भारत द्वारा वीजा की लंबी वेटिंग लिस्ट का मुद्दा उठाए जाने के बाद अमेरिका अब हरकत में आ गया है. वीजा के लिए वेटिंग टाइम को कम करने के लिए अमेरिकी एंबेसी यानी अमेरिकी दूतावास अपने स्टाफ की संख्या में इजाफा करने वाला है. विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के साथ वीजा के लिए लंबा इंतजार का मुद्दा उठाए जाने के बाद दिल्ली में अमेरिकी दूतावास ने स्थिति को सुधारने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में बताया.

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास में काउंसलर मामलों के मंत्री डॉन हेफ्लिन ने गुरुवार को कहा कि भारत में वाणिज्य दूतावास में अस्थायी कर्मचारी और ड्रॉप बॉक्स की संख्या में इजाफा करने जा रहे हैं और एक साल से भी कम समय में कोरोना के पहले वाली स्थिति में लौटने की उम्मीद है. ड्रॉप बॉक्स का मतलब है उन लोगों के लिए कोई अप्वाइंटमेंट की आवश्यकता नहीं है, जिनके पास पहले से ही अमेरिकी वीजा था और एक निश्चित समय सीमा में समाप्त हो गया. इन उपायों से वीजा के लिए वेटिंग टाइम में कटौती होगी. उन्होंने यह भी कहा कि अगले कुछ हफ्तों में एच और एल वर्कर वीजा कैटेगरी के लिए 1 लाख अप्वाइंटमेंट खोली जाएंगी.

अमेरिकी दूतावास ने कहा कि सितंबर 2023 तक कर्मचारियों की संख्या 100 फीसदी तक पहुंच जाएगी. भारतीय नागरिकों के वीजा आवेदनों के लंबित होने के लिए कोविड-19 महामारी को जिम्मेदार ठहराते हुए दिल्ली में अमेरिकी दूतावास ने कहा कि उम्मीद करते हैं कि स्टाफ की संख्या एक साल से भी कम समय में कोरोना से पहले वाली स्थिति में हो जाएगी. अमेरिकी वेबसाइट की मानें तो भारत से अमेरिका का विजिटर वीजा लेने के लिए 833 दिन अपॉइंटमेंट वेटिंग टाइम दिखा रहा है, जबकि चीन से दो दिन में अप्वाइंटमेंट टाइम है.

दरअसल, इस सप्ताह की शुरुआत में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के समक्ष भारत से अमेरिकी वीजा आवेदनों के काफी संख्या में लंबित होने का मुद्दा उठाया था. इस पर शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि वह इस मामले के प्रति संवेदनशील हैं और इसे सुलझाने के लिये उनके पास योजना है. अमेरिका द्वारा मार्च 2020 में महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग सभी वीजा आवेदनों पर आगे बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने के बाद अमेरिकी वीजा सेवाएं अब लंबित आवेदनों के निस्तारण की कोशिश कर रही हैं.

अमेरिकी दूतावास के डॉन हेफ्लिन ने आगे कहा कहा कि अच्छी बात यह है कि कोविड से रिकवर हो रहे हैं और स्टाफ की समस्या भी अब धीरे-धीरे खत्म हो रही है. कोरोना के दौरान और उसके बाद भी हमारे पास 50 फीसदी वीजा स्टाफ थे और अभी हमारे पास 70 फीसदी हैं. अगले साल तक हमारे स्टाफ की संख्या 100 फीसदी हो जाएगी. उसके बाद हम वीजा संबंधी आवेदनों को जल्द से जल्द निपटा सकेंगे. उन्होंने आगे कहा कि वाशिंगटन हमें अस्थायी (कर्मचारी) भेज रहा है. हम अन्य बड़े दूतावासों से भी अस्थायी (कर्मचारी) प्राप्त करने जा रहे हैं.

यह स्वीकार करते हुए कि बी1 (बिजनेस) और बी2 (विजिटर) के पहली बार आवेदकों के लिए सबसे लंबा वेटिंग टाइम है, उन्होंने कहा कि हम अगले कुछ महीनों में इसे भी कम करने पर काम करने जा रहे हैं. थोड़ा प्रतीक्षा करें, हम इसे जल्द ठीक कर लेंगे. अमेरिका में एच1 वीजा पर काम करने वाले काफी भारतीय भी घर नहीं आ पाए हैं क्योंकि उन्हें लौटने से पहले अपने पासपोर्ट पर मुहर लगानी पड़ती है. उनके बारे में हेफ्लिन ने कहा कि अमेरिका में एच और एल वीजा पर ऐसे लोग हैं जो कोविड के शुरू होने के बाद से घर नहीं आ पाए हैं और अपने परिवार को नहीं देख पाए हैं. हम उनके साथ बहुत सहानुभूति रखते हैं. हम आने वाले समय या अगले कुछ सप्ताह में इस श्रेणी के वीजा के लिए एक लाख अपॉइंटमेंट खोलन वाले हैं.

अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने क्या कहा था
अमेरिका द्वारा मार्च 2020 में महामारी के कारण दुनिया भर में लगभग सभी वीजा आवेदनों पर आगे बढ़ने की प्रक्रिया को रोकने के बाद अमेरिकी वीजा सेवाएं अब लंबित आवेदनों के निस्तारण की कोशिश कर रही हैं. ब्लिंकन ने वीजा आवेदनों में हो रहे विलंब से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा, ‘हमारे साथ आप भी थोड़ा बर्दाश्त कीजिए। यह अगले कुछ महीनों में सुव्यवस्थित हो जाएगा, हम इस पर बहुत ध्यान दे रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘वीजा के सवाल पर, मैं उसे लेकर बेहद संवेदनशील हूं.’

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ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका काफी संख्या में लंबित पड़े मामलों को निस्तारित करने की कोशिश कर रहा है. बता दें कि कुशल विदेशी कामगारों को दिए जाने वाले एच-1बी और अन्य कार्य वीजा प्राप्त करने वालों में भारतीयों का बड़ा हिस्सा है. इनमें से बहुत से प्रौद्योगिकी क्षेत्र से संबंधित होते हैं. एच-1बी वीजा एक गैर प्रवासी वीजा है, जो अमेरिकी कंपनियों को प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता वाले विशेष कार्यों के लिए विदेशी कर्मियों को तैनात करने की अनुमति देता है.

Tags: S Jaishankar, US Visa

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