शेखर कपूर ने बताया कैसे बनाई 'मिस्टर इंडिया'? अमिताभ बच्चन की आवाज का क्या है राज

मुंबई. बॉलीवुड के एक फिल्मकार प्रमोद चक्रवर्ती की फिल्म के मुहूर्त की तैयारी चल रही थी. महानायक अमिताभ बच्चन को आमंत्रण दिया गया था. मुहूर्त पार्टी में सब अमितजी का इंतजार कर रहे थे. काफी देर इंतजार के बाद भी जब अमिताभ नहीं आए, तो उनका ऑडियो चलाया गया और फिल्म का मुहूर्त हो गया. इस वाकये ने उस पार्टी में मौजूद लेखक जोड़ी सलीम-जावेद (Salim-Javed) को एक फिल्म की कहानी का आइडिया दिया. सलीम-जावेद के जरिये यह कहानी फिल्मकार शेखर कपूर तक पहुंची…, और तब जो मास्टरपीस बना, उसे आज हम ‘मिस्टर इंडिया’ के नाम से जानते हैं.

इस फिल्म का जिक्र चलते ही आपको अचानक गायब हो जाने वाले ‘अरुण भइया’ यानी अनिल कपूर (Anil Kapoor), ‘हवा हवाई…’ गाने के लिए श्रीदेवी (Sridevi) और सबसे इतर ‘मोगैंबो खुश हुआ’ कहने वाले अमरीश पुरी  (Amrish Puri) की याद आएगी. इस बेहतरीन फिल्म को बनाने वाले शेखर कपूर का आज बर्थडे है. फिल्म ‘मिस्टर इंडिया‘ के निर्माण की यह कहानी एक इंटरव्यू के दौरान शेखर ने खुद सुनाई.

उन्होंने बताया था कि, ‘जब हमने इसे बनाया तो हम यह कन्फर्म करना चाहते थे कि दर्शक ढाई घंटे तक सीटों से चिपके रहें. उस स्पीड को इतने लंबे समय तक बनाए रखना मुश्किल था. जब फिल्म में बच्चे खा रहे थे तब भी वे टेबल पर चम्मच से टैप कर रहे थे. यह एक बहुत ही चुस्त लाइववायर फिल्म है. हर कोई सुपर-एनर्जेटिक था. यह एक हाइपर फिल्म थी.’ फिल्म में उनके पसंदीदा किरदार के बारे में पूछने पर उन्होंने बिना हिचकिचाए कहा ‘मोगेंबो’. मोगेंबो के किरदार में नज़र आए एक्टर अमरीश पुरी की तारीफ करते हुए शेखर ने कहा की वह किरदार उन्ही के लिए लिखा गया था.

‘मासूम’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘बैंडिट क्वीन’ और ‘एलिजाबेथ’ जैसी फिल्में बनाने वाले शेखर कपूर ने मनोरंजन की दुनिया में 47 साल पूरे कर लिए हैं. आपको बता दें कि शेखर ने अपने अभिनय की शुरुआत साल 1975 में आई फिल्म ‘जान हाजिर हो’ से की थी. जिसके बाद शेखर कपूर ने साल 1978 में शबाना आजमी और उत्पल दत्त के साथ फिल्म ‘टूटे खिलौने’ की और मुख्य भूमिका में नजर आये. इस फिल्म में शेखर के अभिनय को दर्शकों द्वारा काफी पसंद किया था.

Tags: Amitabh Bachachan, Shekhar Kapoor

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