32 लाख की डकैती का पुलिस ने किया खुलासा, पहचान छिपाने के लिए करवाई थी प्लास्टिक सर्जरी

हाइलाइट्स

पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बैंक लुटेरों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है
सुरेश देशमुख ने 2011 में अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे की सर्जरी तक कर डाली थी
16 जनवरी को सहकारी बैंक के लॉकर को काटकर हुई थी 32 लाख रुपये की चोरी

रिपोर्ट: मनोज शर्मा
लखीमपुर खीरी. लखीमपुर खीरी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बैंक लुटेरों के गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसका सरगना महाराष्ट्र का रहने वाला कुख्यात अपराधी सुरेश देशमुख निकला. सुरेश देशमुख ने 2011 में अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे की सर्जरी तक कर डाली थी. लखीमपुर खीरी के सदर कोतवाली में 16 जनवरी को जिला सहकारी बैंक मंडी ब्रांच का लॉकर काटकर 32 लाख रुपए चोरी के मामले में पुलिस ने खुलासा किया है.

पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया। शातिर गिरोह के इन सदस्यों के निशाने पर सहकारी बैंक रहते थे. मामले में पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अमरावती महाराष्ट्र और प्रतापगढ़ से तीन सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की. पकड़े गए अभियुक्तों से गहनता से पूछताछ के बाद पूरे मामले का खुलासा परत दर परत होता चला गया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह सबसे पहले बैंकों की रेकी करते थे. उसके बाद गैस कटर की मदद से लॉकर में रखे रुपए चोरी करते थे. लॉकर काटने के दौरान जो नोट जल जाया करते थे उन्हें मौके पर छोड़कर अलग से डिस्पोज कर दिया करते थे. जिससे उन पर करेंसी जलाने का आरोप न लग पाए.

गैंग 1991 से कर रहा था चोरी और डकैती
घटना में पकड़ा गया सुरेश देशमुख और सागर देशमुख जो मूलतः अमरावती महाराष्ट्र का रहने वाला है, विभिन्न राज्य में अपना नाम बदलकर रहता था. यह लोग 1991 से चोरी और डकैती की वारदात को अंजाम दे रहे थे. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में सुरेश पर दर्जनों मुकदमे दर्ज है. मामले में गिरफ्तार सुरेश अमरावती महाराष्ट्र का रहने वाला है जबकि तुषार जनपद प्रतापगढ़ यूपी का रहने वाला है और तीसरा अभियुक्त हरिप्रसाद जो करनपुर प्रतापगढ़ का रहने वाला बताया जा रहा है. पकड़े गए अभियुक्तों से 4 लाख 50 हजार रुपए नगद, एक गैस कटर, तमंचा, एक कार के साथ ही अन्य उपकरण बरामद किए गए है. घटना के खुलासे पर बैंक मैनेजर ने पुलिस टीम को पुरस्कृत करने का ऐलान किया है.

सहकारी बैंकों को बनाते थे टारगेट
मामले की जानकारी देते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने बताया कि यह  गिरोह लगभग 40 साल से ऐसे बैंकों को टारगेट करता था, जहां सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम नहीं होते थे. खास कर सहकारी बैंक को ही चुनते थे. इसका सरगना सुरेश देशमुख महाराष्ट्र अमरावती का रहने वाला है. वह पिछले 40 साल से बैंकों में बनने वाले लाकर को काटने में एक्सपर्ट है. सुरेश देशमुख के खिलाफ देश के विभिन्न थानों में 3 दर्जन से अधिक संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. 2011 में सुरेश देशमुख ने अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे की सर्जरी भी कर ली थी.

Tags: Lakhimpur Kheri, UP latest news

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