Ayodhya: नवरात्रि में भूलकर भी ना करें ये गलती, आइए जानें जगतगुरु राम दिनेश आचार्य से खास बातें

रिपोर्ट- सर्वेश श्रीवास्तव

अयोध्या. हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. इस पावन अवसर पर भक्‍त 9 दिनों तक आदिशक्ति मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना करते हैं. दरअसल वेद पुराणों में मां दुर्गा को आदिशक्ति का रूप माना जाता है, जो असुरों से इस संसार की रक्षा करती हैं. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्रि पर्व 26 सितंबर से प्रारंभ होकर 5 अक्टूबर तक मनाया जाएगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्रि में कुछ कार्य ऐसे होते हैं जिन्हें नहीं करना चाहिए. वरना मां दुर्गा नाराज हो सकती हैं. आइए हम आपको बताते हैं.

जगतगुरु राम दिनेश आचार्य बताते हैं कि शारदीय नवरात्र स्वयं जागृति का एक पर्व है. इसमें 9 दिन तक कलश स्थापन करना चाहिए. कलश स्थापन कर दिव्य अखंड ज्योति जलानी चाहिए. इसमें की गई साधना निश्चित रूप से फलदाई होती है.नवरात्रि के नव दिन तक भक्तों को गरिष्ठ भोजन का परित्याग करना चाहिए. पवित्रता के साथ जीवन का निर्वहन करना चाहिए. साथ ही माता की आराधना के साथ-साथ कन्याओं को भोजन कराना चाहिए

जानिए किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?
जगतगुरु राम दिनेश आचार्य बताते हैं कि नवरात्रि के दौरान लहसुन-प्याज, मांस मदिरा का परित्याग करना चाहिए .ऐसी सभी वस्तुओं का परित्याग करना चाहिए, जिससे आपके जीवन में क्रोध आ जाए. कन्याओं का अपमान नहीं करना चाहिए. घर पर आए हुए आगंतुकों की सेवा करनी चाहिए. इस दौरान मन-वाणी और कर्म से किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए. इन सब कार्यों को छोड़कर जो मां का ध्यान करते हैं, नवरात्रि में उन पर कृपया बरसती है.

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