Bageshwar Dham: 'चमत्कार का विरोध…', बागेश्वर धाम के बारे में क्या कह गए मनोज मुंतशिर

सतना. बागेश्वर धाम बाबा के बारे में देशभर में चल रही बहस एवं मंत्रियों व नेताओं की प्रतिक्रियाओं के बीच प्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला भी अब खुद को रोक नहीं पाए. सतना में उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री की तारीफ करते हुए कहा कि जो लोग आज उनके विरोध में हैं, वह क्या धर्मांतरण के विरोध में इतने मुखर हुए थे. बागेश्वर धाम महाराज ने धर्मांतरण को रोकने का बहुत बड़ा काम किया है.

नगर निगम द्वारा आयोजित गौरव दिवस के चार दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन अल्प प्रवास पर सतना पहुंचे प्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला ने बागेश्वर धाम महाराज पंडित धीरेंद्र शास्त्री का पक्ष लेते हुए उन्हें धर्मांतरण रोकने का बहुत बड़ा कार्य करने वाला संत करार दिया.

आपको बता दें कि बीते दिनों नागपुर में बागेश्वर धाम महाराज धीरेंद्र शास्त्री की सात दिवसीय कथा के आयोजन के दौरान उन पर अंधविश्वास फैलाने के आरोप लगे थे. जिसके बाद मामले ने इस कदर तूल पकड़ा कि देश-विदेश में बागेश्वर धाम महाराज के बारे में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया, ऐसे में कोई पक्ष में तो कोई विरोध में अपने-अपने तर्क देता नजर आया.

धर्मांतरण रोकना तकलीफ की वजह बना

इस मामले में जनप्रतिनिधि व आम जनमानस के सामने आने के बाद प्रसिद्ध गीतकार एवं लेखक मनोज मुंतशिर भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने बाबा के पक्ष में कहा कि बागेश्वर धाम महाराज ने धर्मांतरण को रोकने का बड़ा काम किया है शायद यही बहुतों के लिए तकलीफ की वजह बन गया है.

क्या कहा मनोज मुंतशिर शुक्ला ने

प्रसिद्ध गीतकार व लेखक मनोज मुंतशिर शुक्ला से जब बात की गई तो उन्होंने बागेश्वर धाम महाराज धीरेंद्र शास्त्री के बारे में कहा कि मैं उनके बारे में एक बात कहता हूं कि जो चमत्कार है, यह शब्द सब्जेक्टिव है, हर किसी का अपना अपना नजरिया है, चमत्कार के लिए लेकिन जितने लोग मुखर होकर बागेश्वर धाम के विरोध में खड़े हैं, मैं यह जरूर जाना चाहता हूं कि क्या वह धर्मांतरण के विरुद्ध भी इतने मुखर होकर आए थे. धर्मांतरण की इजाजत भारत का संविधान नहीं देता, धर्म परिवर्तन की इजाजत नहीं देता जबरदस्ती किसी भी प्रलोभन में परिवर्तन नहीं कराया जा सकता, और मैं एक बात तो समझता हूं कम से कम कि बागेश्वर धाम ने धर्मांतरण को रोकने में बहुत बड़ा काम किया है, शायद यह भी तकलीफ की वजह है बहुतों के लिए.

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FIRST PUBLISHED : January 24, 2023, 10:34 IST

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