BJP ओबीसी मोर्चा प्रमुख लक्ष्‍मण बोले, बीजेपी पहली पार्टी जो बिना चुनाव लड़े भी मुस्लिमों को बनाती है मंत्री

नई दिल्‍ली. भारतीय जनता पार्टी 2024 के आम चुनावों की तैयारी मजबूती से कर रही है. यही वजह है कि पिछले कुछ समय में बीजेपी की नीति और रणनीति में महत्‍वपूर्ण बदलाव आया है. एक समय तक हिंदुत्‍व की राजनीति करने वाली बीजेपी आज देश के वंचित, दलित और पिछड़ा वर्ग को साथ लेकर चल रही है. सर्वे भवन्‍तु सुखिन और सर्व धर्म समभाव की बात कर रही बीजेपी की नजर मुसलमानों के एक बड़े हिस्‍से पर है, जो पसमांदा समाज से आता है. पसमांदा वे दबे और शोषित मुस्लिम हैं जो मुसलमानों की कुल आबादी के 85 फीसदी हिस्‍से का प्रतिनिधित्‍व करते हैं. लिहाजा 2015 में बीजेपी ओबीसी मोर्चा का गठन किया गया. गांव-गांव और गली-गली तक पसमांदा मुस्लिमों को बीजेपी से जोड़ने के लिए पूरे देशभर में सम्‍मेलन और सभाएं की जा रही हैं. ऐसे में कहा जा सकता है कि हालिया विधानसभा चुनावों के साथ-साथ बीजेपी का निशाना बड़े लक्ष्‍य की ओर है.

2024 के आम चुनावों की तैयारी के तहत, कभी अन्‍य दलों का कोर वोट बैंक रहे ओबीसी समाज और खासतौर पर पसमांदा मुस्लिमों को लेकर नए सामाजिक समीकरणों को तलाशती बीजेपी की रणनीति और तैयारी को लेकर न्‍यूज18 हिंदी ने बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्‍यसभा सांसद डॉ के लक्ष्मण से विशेष बातचीत की है. जिसका पहला चरण यहां पेश है.

सवाल. मोदी सरकार पसमांदा समाज को जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है, ओबीसी मोर्चा प्रमुख के रूप में आप अपनी जिम्‍मेदारी को कैसे देखते हैं?

जवाब. साल 2015 में पहली बार 30 राज्‍यों, 856 जिलों, 1200 मंडल स्‍तर तक बीजेपी ओबीसी मोर्चा का गठन किया गया. कुछ साल पहले नड्डा जी ने कहा कि ओबीसी मोर्चा संगठन को और मजबूत करना है और प्रधानमंत्री मोदी जी चाहते हैं कि आप वरिष्‍ठ और अनुभवी व्‍यक्ति हैं तो इस जिम्‍मेदारी को निभाएं.

मैं पिछले 4 दशक से एबीवीपी और संघ से जुड़े होने के बाद तेलंगाना में बीजेपी के लिए काम कर रहा हूं. अपने पूरे जीवन की राजनीति और इन 8 सालों के दौरान मैंने देखा कि मोदी जी ने मुस्लिमों का जो सम्‍मान और गौरव बढ़ाया है और जो फैसले इनके हित में लिए हैं, ऐसा कांग्रेस के करीब 60 साल के शासन में नहीं हुआ. हालांकि बीजेपी हमेशा से ही इनके बारे में सोच रही है.

. बीजेपी हिंदुत्‍व और राम मंदिर वाली पार्टी है, फिर पसमांदा मुस्लिमों पर फोकस की वजह? 

जवाब. बीजेपी हिंदुत्‍व की बात करती है क्‍योंकि हिंदुत्‍व सर्वे भवन्‍तु सुखिन पर यकीन करता है. सभी में तो हिन्‍दु भी आते हैं और मुसलमान भी आते हैं. वहीं राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्‍था से जुड़ा हुआ मामला था. अगर आप इतिहास उठाकर देखेंगे तो ओबीसी और मुसलमानों के हितों में जितना काम बीजेपी ने किया है उतना किसी अन्‍य दल ने नहीं किया. बीजेपी हमेशा अंतिम व्‍यक्ति तक लाभ पहुंचाना चाहती है और मुसलमानों में 85 फीसदी आबादी उन्‍हीं दलित, पिछड़े और दबे हुए लोगों की है जिन्‍हें पसमांदा मुस्लिम कहते हैं. अन्‍य पार्टियों ने अगर पसमांदा समाज के लिए काम किया होता तो आज उनकी स्थिति ऐसी नहीं होती. पिछले 8 सालों के शासन में बीजेपी ने जितनी योजनाएं लागू की हैं, उसका सबसे ज्‍यादा फायदा इन्‍हीं पिछड़े हुए लोगों को मिला है, जिनमें हिंदू और मुसलमान दोनों शामिल हैं. मोदी जी चाहते हैं कि इन 85 फीसदी को भी उन 15 फीसदी समृद्ध मुसलमानों के स्‍तर तक लाया जाए.

. कांग्रेस सहित अन्‍य पार्टियां कहती हैं कि ओबीसी और मुस्लिमों के लिए काम उन्‍होंने किया लेकिन बीजेपी फायदा लेने की कोशिश कर रही है?

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FIRST PUBLISHED : November 23, 2022, 16:03 IST

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