COVID Vaccines की मिक्स डोज से मरीजों को खतरा? एक्सपर्ट ने दिए ये जवाब

ताहिरा खान, नई दिल्ली: देश में कोरोना के खिलाफ वैक्सीनेशन को एक प्रमुख हथियार माना जा रहा है. ऐसे में सरकार की कोशिश है कि जल्द से जल्द लोगों तक वैक्सीन की पहुंच को बढ़ाया जाए. हालांकि कुछ राज्यों से टीके की किल्लत की शिकायतें भी लगातार आ रही हैं. अब भारत में एक ही व्यक्ति को दो वैक्सीन की दो अलग-अलग डोज देने पर स्टडी का प्लान बन रहा है.

क्या मजबूत होगी इम्युनिटी?

नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप के चेयरमैन डॉक्टर एनके अरोड़ा ने कहा कि भारत कुछ हफ्ते में दो वैक्सीन की मिक्स डोज देने से होने वाले असर की स्टडी शुरू कर सकता है. क्या ऐसा करने से कोरोना के खिलाफ मरीज की इम्युनिटी मजबूत होगी? इस पर स्डटी की जा सकती है. 

इससे पहले देश के कुछ हिस्सों से लोगों को वैक्सीन की मिक्स डोज देने के मामले सामने आए हैं. हाल में यूपी के सिद्धार्थ नगर में मेडिकल स्टाफ की लापरवाही के चलते 20 लोगों को कोविशील्ड की पहली डोज जबकि कोवैक्सिन की दूसरी डोज दी गई थी. 

सीरीज को पूरा करना जरूरी

इस घटना पर बात करते हुए अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर मुब्बशीर अली ने कहा, ‘यह खतरनाक नहीं है.’ उन्होंने बताया कि WHO इस बारे में पहले ही कह चुका है कि विषम परिस्थियों में वैक्सीन की पहली डोज नहीं मिलने पर मरीज को किसी और वैक्सीन की दूसरी डोज दी जा सकती है ताकि वैक्सीनेशन सीरीज को पूरा किया जा सके. हालांकि उन्होंने सामान्य हालात में एक ही वैक्सीन की दोनों डोज लेने की सलाह दी है.

ये भी पढ़ें: वैक्सीन किल्लत पर केंद्र का जवाब, बताया- राज्यों पास टीके की कितनी डोज मौजूद

वहीं, वैक्सीन की मिक्स डोज के बारे में फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टर चंद्रशेखर टी का कहना है कि दो वैक्सीन की मिक्स डोज देना शायद एक बेहतर विचार हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह खतरनाक नहीं है और कुछ देशों में इस तकनीक की ट्रायल-टेस्टिंग की जा चुकी है.

मिक्सिंग पर कोई ठोस स्टडी नहीं

डॉक्टर चंद्रशेखर ने आगे कहा कि वैक्सीन की मिक्सिंग या कॉकटेलिंग पर भारत में ट्रायल हुए हैं और कुछ एक्सपर्ट इसे सही भी मानते हैं. हालांकि उन्होंने कहा कि भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सिन की मिक्सिंग के नतीजों पर अभी तक किसी स्टडी के सबूत नहीं मिले हैं.

Share
Facebook Twitter Pinterest Linkedin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *