Death Anniversary: एक्टर नहीं, वकील बनना चाहते थे अशोक कुमार, पढ़ें उनसे जुड़ी कुछ खास बातें

नई दिल्ली. बॉलीवुड के सदाबहार एक्टर अशोक कुमार (Ashok Kumar) भले ही अब हमारे बीच मौजूद न हों, लेकिन उनकी फिल्में आज भी लोगों के दिलों में उनकी यादों को ताजा रखे हुए हैं. आज लीजेंड एक्टर अशोक कुमार की 21वीं पुण्यतिथि (21st Death Anniversary) है. आज उनकी याद में आपको उनके जीवन से जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से बताते हैं.

हम सभी के प्यारे दादामुनि उर्फ अशोक कुमार का असल नाम कुमुदलाल गांगुली था. एक्टिंग की दुनिया में कदम रखते ही दादामुनि ने अपना नाम अशोक कुमार रख लिया था. दरअसल, अशोक कुमार का जन्म एक बेहद ही सामान्य परिवार में हुआ था. एक ऐसा परिवार जिसका दूर-दूर तक लाइट, कैमरा और एक्शन से कोई तालुक नहीं था. अशोक कुमार के पिता कुंजीलाल गांगुली एक वकील थे और वह अपने बेटे को भी अपनी तरह वकील ही बनाना चाहते थे.

लेकिन वो कहते हैं न कि होनी को कौन टाल सकता है. जो जिसकी किस्मत में लिखा होता है, वो उसे मिल कर ही रहता है. अशोक कुमार की किस्मत में भी कोर्ट-कचहरी के चक्कर नहीं बल्कि फिल्मों की दुनिया थी.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, कुंजीलाल गांगुली ने बेटे के दाखिले के लिए वकालत के सर्वश्रेष्ठ कॉलेज का फॉर्म भर दिया, लेकिन जब अशोक कुमार ने परीक्षा दी तो वो उसमें फेल हो गए. पिता के डर से वह अपनी बहन के घर बॉम्बे रहने चले गए. वहां उन्हें उनकी बहन के पति की सिफारिश पर बॉम्बे टॉकीज में नौकरी मिल गई. वह बॉम्बे टॉकीज में साउंड इंजीनियर के तौर पर काम करने लगे और उनका अच्छा खासा गुजारा होने लगा. कुछ वक्त बीतने के बाद उन्होंने पिता का सामना कर उन्हें सच बताने का साहस जुटाया, और आखिरकार अपने पिता से कह दिया कि वह वकालत नहीं करना चाहते हैं.

एक दिन अचानक चमकी किस्मत
अशोक कुमार को पहली बार बड़े पर्दे पर 1936 में आई फिल्म ‘जीवन नैया’ में देखा गया था. शायद बहुत कम लोग ही इस बात से वाकिफ होंगे कि अशोक कुमार ने उनकी पहली फिल्म में गाना भी गाया था. दादामुनि को उनकी पहली फिल्म मिलने की कहानी भी बहुत रोचक है.

बॉम्बे टॉकीज में काम करते वक्त तो उन्हें इस बात का अंदाजा भी नहीं होगा कि एक दिन अचानक ही उनकी किस्मत पलट जाएगी. दरअसल, ‘जीवन नैया’ में देविका रानी और नजीमल हुसैन मुख्य भूमिका निभा रहे थे. लेकिन दोनों के आपसी झगड़े की वजह से नजीमल हुसैन को फिल्म से निकाल दिया गया. देविका बॉम्बे टॉकीज के मालिक हिमांशु रॉय की पत्नी थीं और फिल्म में अशोक कुमार को जगह दिलाने वाले भी हिमांशु ही थे. उनकी सिफारिश पर फिल्म निर्देशक ने अशोक कुमार को न चाहते हुए भी कास्ट कर लिया.

अशोक कुमार के एक्टर बनने में हिमांशु रॉय का बड़ा हाथ था. उन्होंने न सिर्फ अशोक कुमार को पहली फिल्म दिलाई थी बल्कि उनके पिता को राजी करने वाले भी हिमांशु ही थे. हिमांशु के लाख समझाने के बाद अशोक कुमार के पिता ने उन्हें अभिनय कायम रखने की इजाजत दी थी.

Tags: Ashok kumar, Entertainment news.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *