Delta Plus Variant ने इन तीन राज्यों में दी दस्तक, करीब 25 मरीज मिले संक्रमित

नई दिल्ली: कोरोना की दूसरी लहर ( Covid-19 Second Wave) देश पर कहर बनकर टूटी और हजारों की संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवा दी. यही नहीं कोरोना का डेल्टा वैरिएंट हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है. अब इससे एक और नए वैरिएंट ने जन्म लिया जिसे डेल्टा प्लस (Delta Plus Variant) का नाम दिया गया है. भारत के कई राज्यों से इस नए वैरिएंट के मामले आने शुरू भी हो चुके हैं.

महाराष्ट्र में मिले 21 मामले

कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र  में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 21 मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सोमवार को कहा कि इनमें से 9 मामले जलगांव, 7 मुंबई इसके अलावा 1-1 सिंधुदुर्ग, ठाणे और पालगढ़ जिले से है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अब जीनोम सिक्वेंसिंग का फैसला किया है और हर जिले से 100 नमूने लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि 15 मई से अब तक 7,500 नमूने लिए गए हैं जिनमें डेल्टा प्लस के करीब 21 मामले हैं.

उधर दक्षिण के राज्य केरल में भी डेल्टा प्लस वैरिएंट ने दस्तक दे दी है. यहां के दो जिले- पलक्कड़ और पथनमथिट्टा से जमा किए गए सैंपल से डेल्टा-प्लस वैरिएंट के कम से कम तीन मामले सामने आए हैं. पथनमथिट्टा के जिलाधिकारी डॉ. नरसिम्हुगरी टी एल रेड्डी ने कहा कि जिले के काडापरा पंचायत का एक चार वर्षीय बच्चा वायरस के नए डेल्टा-प्लस वैरिएंट से संक्रमित पाया गया.

केरल में बढ़ाई सख्ती

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन ने इसके प्रसार को रोकने के लिए दो जिलों के प्रभावित क्षेत्रों में कड़े कदम उठाए हैं. पिछले हफ्ते, नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य), डॉ. वीके पॉल ने कहा था कि नए खोजे गए डेल्टा प्लस वैरिएंट को अभी तक चिंताजनक नहीं माना गया है.

भोपाल में पहला केस

मध्य प्रदेश के भोपाल से डेल्टा वैरिएंट का पहला मामला सामने आया था. राजधानी में गुरुवार को 65 वर्षीय एक महिला के कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी. मध्य प्रदेश में महामारी की दूसरी लहर की तेजी कम हो रही है और संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों में ढील दी जा रही है.

ऐसे वक्त में नए वैरिएंट की एंट्री से प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं. अधिकारियों के अनुसार, महिला के नमूने 23 मई को लिए गए थे और बीते बुधवार को एनसीडीसी से प्राप्त हुई रिपोर्ट में उसके डेल्टा प्लस वैरिएंट से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. वहीं, सूत्रों ने बताया कि महिला कोविड-19 टीके की दोनों खुराक ले चुकी है.

कुछ रिपोर्ट के अनुसार भारत में सबसे पहले पाए जाने वाले कोविड-19 के अत्याधिक संक्रामक डेल्टा वैरिएंट B.1.617.2 के डेल्टा प्लस वैरिएंट में बदलने की आशंका है.  डेल्टा वैरिएंट की सबसे पहले पहचान भारत में हुई और देश में दूसरी लहर के लिए और ब्रिटेन समेत अन्य जगहों पर संक्रमण के प्रसार में इसका अहम रोल रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *