Fertilizer Crisis: क्या यूरिया- DAP खाद की किल्लत है? जानें देश में उर्वरक सप्लाई चेन के गणित को

नई दिल्ली. देश में यूरिया और डीएपी (Urea and DAP) खाद की किल्लत को लेकर केंद्र सरकार और कई राज्यों के बीच ठन गई है. इस बीच केंद्र सरकार ने खाद की कमी (Shortage of Fertilizers) से परेशान किसानों (Farmers) को राहत की खबर दी है. केंद्रीय उर्वरक सचिव (Union Fertilizer Secretary) ने कहा है कि मोदी सरकार कोशिश कर रही है कि विदेशों से खाद की आयात को और आसान किया जाए. इसके लिए केंद्र सरकार किसी एक देश पर पूरी तरह से निर्भर रहने के बजाए कई देशों के साथ करार की कोशिश कर रही है. केंद्र सरकार इसके लिए रूस, कनाडा, इजराइल, ओमान और मोरक्को जैसे देशों के साथ खाद आपूर्ति बढ़ाने और नए करार पर काम शुरू हो गया है. केंद्रीय उर्वरक सचिव ने देश में खाद की कमी से इंकार किया है.

आपको बता दें कि देश में इस समय रबी की फसल की बुवाई जोरों पर है. खेतों में डालने के लिए डीएपी और उर्वरक की कमी को लेकर कई राज्य सरकारों ने पिछले दिनों केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. इस पर केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर कहा था कि देश में खाद की कोई कमी नहीं है.

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देश के कई राज्यों ने खाद की कमी को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा था.

रबी फसल की बुवाई के बीच देश में खाद संकट
पिछले दिनों ही देश के कई राज्यों ने खाद की कमी को लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिखा था. इस पर केंद्रीय उर्वरक सचिव का जवाब आया है कि देश में खाद की कोई कमी नहीं है. दूसरी तरफ बिहार जैसे कई राज्यों का कहना है कि इस महीने यूरिया खाद की डिमांड काफी बढ़ गई है. डिमांड के मुकाबले खाद कम सप्लाई हो रहा है, इससे किसानों को यूरिया खाद के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है.

केंद्र सरकार का ये कहना है
उर्जा सचिव ने मंगलवार को कहा है कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि साल 2025 तक दूसरे देशों से यूरिया का आय़ात बंद कर दिया जाए. इस समय देश में सालाना करीब 350 लाख टन यूरिया की जरूरत होती है. मौजूदा समय में देश के अंदर ही 283 लाख टन की क्षमता है औऱ बाकी का आयात किया जाता है. इस समय देश में करीब 44 करोड़ नैनो यूरिया की बोतलों का भी उत्पादन हो रहा है, जिससे करीब 200 लाख टन यूरिया की पूर्ति हो सकती है. इसी तरह नैनो डीएपी बनाने का काम भी तेजी से हो रहा है. इसके लिए फिल्ड ट्रायल का काम हो रहा है.

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केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि साल 2025 तक दूसरे देशों से यूरिया का आय़ात बंद कर दिया जाए.

डीएपी और यूरिया के सप्लाई का गणित क्या है
गौरतलब है कि पिछले दिनों देश के कई राज्यों ने कहा था डीएपी और यूरिया की कमी है. किसान अपने खेत की जुताई करने के बाद उर्वरक के इंतजार में अभी तक बुवाई नहीं कर पा रहे हैं. वहीं, किसानों का भी कहना है कि डीएपी और यूरिया की कमी है. जहां भी कहीं मिल रहा है, वहां पर महंगे दामों में डीएपी खरीदने को मजबूर हो रहे हैं.

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बिहार के कृषि मंत्री ने केंद्र सरकार पर बिहार में खाद का आवंटन न देकर भेदभाव बरतने तथा किसानों और गरीबों के बीच राज्य सरकार की छवि खराब करने का आरोप लगाया था. इस पर केंद्र सरकार ने कहा था कि बिहार में खाद की कोई कमी नहीं है. राज्य सरकार किसानों को समय पर खाद नहीं पहुंचा रही है. वहीं, बिहार के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत ने कहा था कि केंद्र से जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रही है.

Tags: Bihar Government, Fertilizer Shortage, Mansukh Mandaviya, Modi Govt, Urea crisis, Urea production

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