Jhansi: बीरबल की खिचड़ी बनी आंतिया ताल सुंदरीकरण परियोजना! लोग बोले-पैसे की हो रही बर्बादी

रिपोर्ट : शाश्वत सिंह

झांसी. यूपी के झांसी को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए कई पर योजनाएं चलाई जा रही हैं. कुछ योजनाएं पूरी भी हो गई हैं, लेकिन कई ऐसी योजनाएं भी हैं जो बीरबल की खिचड़ी बन गई हैं और जिनका निर्माण कार्य खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. ऐसी ही एक योजना है आंतिया ताल सुंदरीकरण परियोजना. झांसी शहर के मध्य में स्थित आंतिया ताल को पुनर्जीवित और उसके सुंदरीकरण का काम पिछले 3 साल से चल रहा है, लेकिन अभी तक यह पूरा नहीं हो सका है. झांसी वासियों को भी इस काम के पूरा होने का लंबे समय से इंतजार है.

सुंदरीकरण का यह काम नवंबर 2020 में शूरू किया गया था. जुलाई 2021 तक यह काम पूरा हो जाना चाहिए था. 8 करोड़ 80 लाख की लागत से यह काम होना था, लेकिन आज तक यह काम पूरा नहीं हो पाया है. सामाजिक कार्यकर्ता भानु सहाय ने कहा कि बहुत पहले ही महापौर बी.लाल के कार्यकाल में आंतिया ताल को सुरक्षित करने के लिए इसके चारों और बाउंड्री वॉल बना दी गई थी. इसके साथ ही अतिक्रमण भी हटा दिया गया था, लेकिन स्मार्ट सिटी के नाम पर बाउंड्री वॉल को फिर से तोड़ा गया और काम दोबारा शुरू किया गया. यहां सिर्फ पैसे की बर्बादी हो रही है. काम कब तक पूरा होगा इसका कोई अंदाजा नहीं है.

जल्द पूरा हो जाएगा काम
इस मामले में झांसी के महापौर रामतीर्थ सिंघल ने कहा कि आंतियाताल का सुंदरीकरण नगर निगम की एक महत्वकांक्षी योजना है. काम समय से चल रहा था, लेकिन बीच में ताल के आसपास रहने वाले कुछ लोग अदालत चले गए थे और वहां से स्टे ऑर्डर भी ले लिया था. अब यह मामला सुलझ गया है.जिसके बाद फिर से पूरी रफ्तार के साथ काम शुरू कर दिया गया है. अगले कुछ महीनों में आंतिया ताल का लोकार्पण कर दिया जाएगा. यह एक बड़े टूरिस्ट स्पॉट के रूप में जाना जाएगा.

Tags: Jhansi Commissioner, Jhansi news, UP news

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