Noor Jehan Birth Anniversary : नूरजहां की दीवानी थीं हिंदी सिनेमा की स्वर कोकिला, सरहद भी रोक न पाई दोस्ती

Noor Jehan Birth Anniversary: हिंदुस्तान और पाकिस्तान की प्रसिद्ध सिंगर रहीं नूरजहां (Noor Jehan) की सिर्फ आवाज का जादू ही नहीं बल्कि खूबसूरती से भी लोगों को दीवाना बना देती थीं. अपने दौर की बेहद बोल्ड सिंगर मानी जानी वालीं नूरजहां का जन्म 21 सितंबर 1926 को हुआ था. इनका असली नाम अल्लाह रखा वसाई था. करीब 7 दशक तक अपनी जादुई आवाज बिखेरने वाली नूरजहां बंटवारे के बाद भले ही पाकिस्तान चली गईं लेकिन अपना दिल यहीं भारत से अलग नहीं कर पाईं. भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) सिर्फ उनकी गायिकी की ही मुरीद नहीं थीं बल्कि दोनों का दोस्ताना भी जबरदस्त था.

गजब की सुरीली आवाज और खूबसूरती का मनमोहक संगम मानी जाने वालीं सिंगर नूरजहां को पाकिस्तानी सरकार ने मल्लिका-ए-तरन्नुम के खिताब से नवाजा था. दो-दो शादियां रचाने वाली नूरजहां के बच्चों और पोते-पोतियों से भरा पूरा लंबा चौड़ा कुनबा है. भारत की स्वर कोकिला को लत्तो कहकर बुलाने वाली नूरजहां से ही लता को टफ कंपटीशन मिलता था और वह लता को हमेशा बेहतर गाने के लिए प्रोत्साहित करती थीं.

नूरजहां का हिंदी सिनेमा से लगाव कम नहीं हुआ

लता मंगेशकर ने जब फिल्मों में गाना शुरू किया था तो वह नूरजहां से बेहद प्रभावित थीं. नूरजहां ने भी लता की गायिकी को सराहा साथ ही उन्हें आगे बढ़ने में मदद की. लदा दी के जीवन में कुछ लोगों के लिए खास जगह थी, नूरजहां उनमें से एक थीं. भारत-पाकिस्तान बंटवारे में कई घर और दिल उजड़े. इसी दौरान लता-नूरजहां की दोस्ती भी बंटवारे की भेंट चढ़ गई थी. देश को आजादी मिली लेकिन नूरजहां को अपनी कर्मभूमि मुंबई छोड़कर पाकिस्तान जाना पड़ा था, लेकिन इनकी दोस्ती किसी सरहद की मोहताज नहीं थी.

सी रामचंद्र गवाना चाहते थे डुएट

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ‘1951 में लता जी और नूरजहां के डुएट सॉन्ग के लिए फेमस कंपोजर सी रामचंद्र लता दी को लेकर अटारी पहुंचें थे. पर उनके सामने एक समस्या आ गई कि उनके पास वीजा-पासपोर्ट नहीं थे, लिहाजा उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया गया. तब सी. रामचंद्र के जरिए नूरजहां से लता की बात हुई. लेकिन दोनों मिलना चाहती थीं. फिर ये तय हुआ कि नूरजहां भी बॉर्डर पर ही आ जाएं.’

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देश की सरहद पर रो पड़ी थीं नूरजहां और लता मंगेशकर

सी रामचंद्र ने अपनी बॉयोग्राफी मे लिखा है कि ‘लता मंगेशकर और नूरजहां एक दूसरे से मुलाकात के लिए बॉर्डर पर पहुंचीं. दोनों एक दूसरे को देखते ही इतनी भावुक हो गईं कि लपक कर गले मिलीं और फूट-फूट कर रो पड़ीं’. लता-नूरजहां के इस प्यार के गवाह वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ नूरजहां के पति भी थे. नूरजहां को हिंदी सिनेमा में सिर्फ लता ही नहीं बल्कि धर्मेद्र समेत कई एक्टर्स के साथ शानदार दोस्ती थी. नूरजहां को लेकर कई तरह के किस्से सुने सुनाए जाते हैं. लंबे समय तक अपनी गायिकी का जादू बिखेरने वाली सिंगर 23 दिसंबर 2000 में दुनिया को अलविदा कह गईं.

Tags: Bollywood celebrities, Jawaharlal Nehru’s birth anniversary, Lata Mangeshkar

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