Opinion : मोदी सरकार की सख्त नीतियों से आतंकवाद और आर्थिक अपराध को बढ़ावा देने वालों पर कड़ा प्रहार

नई दिल्ली. किसी भी राष्ट्र की चंहुमुखी सफलता के मूल में होता है राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर कड़ा प्रहार किया जाए. भारत जैसे विशाल राष्ट्र का नेतृत्व संभालने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने आंतकवाद और आर्थिक अपराध को बढ़ावा देने वालो पर पल-पल कड़ा प्रहार कर ये सुनिश्चित किया है कि वो भारत की शांति,समृद्धि और विकास की राह मे रोड़े ना अटकाएं. बीते 21 सिंतबर की रात से देश भर में पापुलर फ्रंट आफ इंडिया(PFI) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देश भर के 10 राज्यो में इसके 100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई की गई. देशभर में धार्मिक आंतकवाद की बड़ी घटनाओं में शामिल PFI पर मोदी सरकार के नेतृत्व में लगातार कार्रवाई जारी है.

21 सितंबर की रात शुरू हुई इस छापेमारी में PFI के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं की अब तक गिरफ्तारी की गई है. देशव्यापी इस छापेमारी में NIA, ED और राज्य पुलिस शामिल रही. PFI पर आतंकियो को धन मुहैया कराने, ट्रेनिंग के इंतजाम करने और लोगों को बहका कर संगठन में शामिल करने के आरोप रहे हैं. हाल के दिनों में देश में हर घटना चाहे वो दिल्ली-जहांगीरपुरी हिंसा मामला हो,कानपुर हिंसा, उदयपुर का कन्हैया हत्याकांड और अमरावती का उमेश कोल्हे हत्याकांड हो,हर घटना के पीछे शक की निगाहें PFI पर जाकर ही थम जाती हैं. हाल ही में तेलंगाना पुलिस ने अदालत में पेश की गई एक रिपोर्ट में खुलासा PFI के देश में बड़ी साजिश में शामिल होने का खुलासा किया था. इस रिपोर्ट में वर्ग विशेष के युवाओं को पत्थरबाजी और हमले करने की ट्रेनिंग देने का खुलासा भी किया गया था.

जम्मू कश्मीर में आतंकवादियो के मोहरे बने धार्मिक गुरुओं पर बड़ी कार्रवाई
मोदी सरकार के जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35 ए हटाने के बाद से ही पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद अपने अंतिम दिनों पर है. कश्मीर घाटी में छाई निरंतर शांति और विकास के मार्ग पर अग्रसर कश्मीर को देख पाकिस्तान बौखला गया है. पाकिस्तान अब नई पीढ़ी को आंतकवाद के रास्ते में पर धकेलने के लिए धार्मिक गुरुओ का सहारा ले रहा है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पिछले कुछ दिनो पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत 7 धार्मिक नेताओं को हिरासत में लिया. मोदी सरकार की ये कड़ी कार्रवाई जम्मू-कश्मीर में आंतकवाद को फिर पनपने देने की पाकिस्तान के मंसूबो को नाकाम कर देगी.

आर्थिक अपराधियो पर मोदी सरकार ने लगाया कड़ा अंकुश
धार्मिक आंतकवाद पर कड़ी चोट करने के साथ ही मोदी सरकार ने आर्थिक अपराधियों पर कड़ा अंकुश लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. ED ने देश भर में आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाई को अंजाम देते हुए 31 मार्च, 2022 तक विभिन्न कोर्ट में 992 शिकायत दर्ज कराई और कुल 58,591 करोड़ की संपत्ति जब्त करने में सफलता पाई. मोदी सरकार ने तीन बैंक अपराध के मामलो में तीन बड़े भगोडों विजय माल्या,नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ भी बड़ी कार्यवाई को अंजाम दिया है. ईडी ऩे इस मामले में अब तक 19 हजार करोड़ से अधिक की संपत्ति को जब्त किया है.

2014 में मोदी सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से ED के काम में काफी तेजी देखी गई है। वर्ष 2014-15 में जहां ईडी ने 1,093 मामलों की जांच की थी वहीं वर्ष 2021-21 में यह बढ़कर 5,493 मामले हो गए. मोदी सरकार ने ये सुनिश्चित किया है कि आर्थिक अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और दोषियो को कठोर दंड मिल सके.

Tags: PFI, PM Modi

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