Opinion: वाराणसी क्रूज सेवा PM मोदी की दूरदृष्टि का परिणाम, गंगा अभियान को मिलेगा बल

गंगा नदी पर दुनिया की सबसे लंबी रिवर क्रूज सेवा की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने हर हर महादेव के जयघोष से अपने भाषण की शुरूआत की और कहा कि “ये क्रूज़ सेवा गंगा अभियान को नयी ताकत देगी.” महादेव के शीर्ष पर सवार माँ गंगा यूं तो धार्मिक और आध्यात्मिक महत्त्व रखते हुए मोक्षदायिनी तो हैं ही, साथ ही लाखों भारतियों के जीवनयापन का सोत्र भी हैं. स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों में “भारत की स्थितियां-परिस्थितियां कैसी भी रही हों, माँ गंगे ने हमेशा कोटि-कोटि भारतीयों को पोषित किया है.”

सत्ता में आने के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी गंगा पुनर्जीवन के लिए सतत प्रयत्नशील रहे हैं. मोदी सरकार द्वारा शुरू किये गए ‘नमामि गंगे’ अभियान को संयुक्त राष्ट्र ने विश्व के शीर्ष 10 अभियानों के रूप में स्वीकार किया. नमामि गंगे’ पहल के बाद गंगा में जल-जीव और मछलियों की संख्या बढ़ रही है जिससे गंगा के पारिस्थितिकी तंत्र स्वच्छ होने के साथ, अन्य आजीविका के अवसर भी बढ़ रहे हैं. 2019 में कानपुर में पहली राष्ट्रीय गंगा परिषद की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने नमामि गंगे से आगे बढ़ कर इसमें अर्थ गंगा के मॉडल यानी “लोगों को नदी से जोड़ने के लिए अर्थशास्त्र का उपयोग” को जोड़ने का आग्रह किया.

इसी अर्थ गंगा मॉडल का एक महत्वपूर्ण कार्यक्षेत्र है-“मॉडल नाव पर्यटन” जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज गंगा विलास क्रूज को हरी झंडी दिखाते हुए कहा कि “विलास क्रूज़ भारत में पर्यटन के एक नए युग की शुरुआत करेगा. क्रूज जहां से भी गुजरेगा वहां विकास की एक नई लाइन तैयार करेगा.” ये क्रूज विशेष रूप से गंगा बेल्ट के धार्मिक पर्यटन पर ध्यान में रख कर डिजाइन किया गया है जो गंगा, भागीरथी, यमुना, विद्यावती और ब्रह्मपुत्र से होते हुए गुजरेगा. क्रूज के रूट में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम राज्य आयेंगे. गंगा विलास काशी से बोगीबिल की यात्रा पूरी करेगा, फिर कोलकाता से वाराणसी की सैर पर लौटेगा.

क्रूज़ के यात्रियों को फाइव स्टार होटल से ज्यादा सुविधाएं मिलेंगी. बताया जा रहा है कि इसमें 51 दिन यात्रा करने के लिए प्रति व्यक्ति 12 लाख 60 हजार रुपये देने होंगे. ये राशि सुविधाओं के साथ बढ़ जाएगी. बल्कि इसमें जिम, स्पा सेंटर, लेक्चर हाउस, लाइब्रेरी भी है. 40 क्रू स्टाफ क्रूज सवार लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहेंगे. अभी तक की जानकारी के मुताबिक गंगा विलास क्रूज की आधिकारिक जलयात्रा सितंबर से शुरू हो सकती है, लेकिन क्रूज की बुकिंग अगले दो वर्षों के लिए पूरी हो गई है . इससे साफ़ पता चलता है कि गंगा में क्रूज के संचालन से देशी विदेशी पर्यटक खासे उत्साहित हैं.

गंगा हम भारतियों के लिए सिर्फ एक नदी ही नहीं हैं बल्कि सैंकड़ो पीढ़ियों से इसमें हमारी आस्था समाहित है. गंगा जीवनदायनी भी है और मोक्षदायनी भी. नमामि गंगे और अर्थ गंगा भारत की महान सांस्कृतिक धरोहर को संजोये हुए आधुनिकता का अद्भुत संगम है. गंगा विलास क्रूज़ सेवा के माध्यम से पर्यटकों को ये माँ गंगा की धार्मिक महत्ता और आर्थिक उपयोगिता दोनों के दर्शन होंगे.

Tags: Namami Gange Project, Prime Minister Narendra Modi

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