PFI Plan: धार्मिक सद्भाव बिगाड़ने का पीएफआई का प्लान बेनकाब, हर राज्य में तैयार कर रहे थे किलर स्क्वाड

नई दिल्ली. देश की अखंडता को बिगाड़ने और धार्मिक उन्माद को बढ़वा देने के लिए प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का किलर स्क्वाड आंध्र प्रदेश के साथ-साथ कर्नाटक में भी सक्रिय था. दोनों राज्यों के अलग-अलग दस्तावेज न्यूज18 इंडिया के पास हैं, जो पीएफआई के इस कातिलाना मंसूबे का राज खोल रहे हैं. पहली बार किलर स्क्वाड की कारस्तानी एक साथ दो राज्यों में उजागर हुई है. करीब 10-15 स्क्वाड दोनों राज्य में सक्रिय हैं जो अपने काडरों को पेशेवर अंदाज में कत्ल करने की और माहौल बिगाड़ने की सशस्त्र और साइकोलॉजिकल ट्रेनिंग देते थे.

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के पिछले 1 साल का कच्चा चिट्ठा जांच एजेंसियों के पास है. दोनों राज्यों की अलग-अलग अदालतों को एनआईए ने पिछले 6 महीनों के दौरान यह सूचित किया है. ताजा मामला है प्रवीण नेत्तारू हत्याकांड से जुड़ा, जिसकी चार्जशीट एनआईए ने बेंगलुरु कोर्ट में दाखिल की है और इससे पहले का मामला है हैदराबाद कोर्ट का… जिसमें अदालत को एनआईए ने पीएफआई की किलर स्क्वाड साजिश के बारे में जानकारी दी है.

.एनआईए के मुताबिक, ‘पीएफआई के नेता हर राज्य में औसत 8 से 10 किलर स्क्वाड बनाने की फिराक में थे, जिनको बिल्कुल पेशेवर अंदाज में तैयार किया गया था… किलर स्क्वॉड के सदस्यों को खतरनाक फिजिकल ट्रेनिंग दी जाती थी कि कैसे अपने टारगेट को चुनना है और फिर उसे धारदार हथियार से मार डालना है.. टारगेट का ब्रीफ पहले ही किलर स्क्वाड के लोगों को पीएफआई के शीर्ष नेतृत्व से मिल जाता था.’

जांच एजेंसी के अनुसार, ‘फिजिकल ट्रेनिंग के साथ-साथ ऐसे कातिल किलर स्क्वाड को साइकोलॉजिकल ट्रेनिंग भी दी जाती थी, ताकि टारगेट पर हमला करते वक्त वह मानसिक रूप से मजबूत रहें… जिन सदस्यों को किलर स्क्वाड सदस्य के रूप में सेलेक्ट किया जाता था, उनको लगातार भारत विरोधी लिटरेचर दिया जाता था और कट्टरपंथ की विचारधारा से प्रभावित किया जाता था.’

खुफिया एजेंसी सूत्रों के मुताबिक किलर स्क्वाड के हर सदस्य की औसत उम्र 23 से 25 साल के बीच होती थी और एक कोट में करीब 8 से 10 सदस्य होते हैं. इनकी ट्रेनिंग मॉड्यूल के तीन स्तर होते हैं – बिगनर, मिड लेवल और एक्सट्रीम लेवल – खुफिया एजेंसी अब देश के अन्य हिस्सों में ऐसे स्क्वाड के सदस्यों की जानकारी जुटा रही है.

गौरतलब है कि देश में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने और वैश्विक आतंकी संगठनों से कथित संबंध को लेकर आतंक निरोधक कानून यूएपीए के तहत पीएफआई और इसके सहयोगी संगठनों को गत 28 सितंबर को प्रतिबंधित कर दिया गया था.

Tags: Andhra Pradesh, Karnataka, NIA, PFI

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