Raksha Bandhan: सूनी न रहे सैनिकों और अन्नदाता की कलाई, देहरादून की बहनों ने 'अनाज' से बनाई राखियां

हाइलाइट्स

संस्कार परिवार से जुड़ी महिलाएं पिछले 25 सालों से सैनिकों के लिए राखियां बनाती आ रही हैं.
इस बार अनाज से 1100 राखियां बनाई हैं.
महिलाओं ने सैनिकों के साथ पीएम, राष्ट्रपति और राज्‍य के सीएम समेत तमाम लोगों को राखियां भेजी हैं.

रिपोर्ट-हिना आज़मी

देहरादून. भारत में पूरे सालभर त्योहारों की धूम मची रहती है. वहीं, रक्षाबंधन (Raksha Bandhan 2022) भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का अनूठा त्योहार है. जहां एक तरफ त्योहारों पर लोग एक-दूसरे के घर आते जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ हमारी रक्षा करने वाले सैनिक सरहदों पर अपनी ड्यूटी निभाने के कारण त्योहारों में भी अपने घर-परिवार से दूर रहते हैं. ऐसे में देहरादून की 50 से भी ज्यादा महिलाओं ने सरहद पर तैनात रहने वाले भाइयों के लिए राखियां बनाई हैं. इसके अलावा उन्होंने किसान भाइयों के लिए भी राखियां तैयार की हैं.

सैनिकों और अन्नदाता भाइयों के लिए राखी बनाने वाली प्रियंका रतूड़ी ने कहा कि जिस तरह हमारे भाई हमारी रक्षा करते हैं. वैसे ही सरहदों पर तैनात सैनिक भाई हर मौसम को सहते हुए हमारी रक्षा करते हैं. उन्होंने कहा कि त्योहारों पर वे अपने परिवार से दूर रहते हैं, इसलिए हमने अनाज और तिरंगे की थीम के साथ करीब 20 दिनों की मेहनत के बाद 1100 राखियां बनाकर सेना, अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस के जवानों को पहुंचाई हैं. ये महिलाएं किसानों को भी राखी बांधती हैं, ताकि ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे के साथ जवान और किसान भाइयों से यह पवित्र रिश्ता बना रहे.

25 साल से जारी है मुहिम
संस्कार परिवार के संयोजक आचार्य बिपिन जोशी ने बताया कि पिछले 25 सालों से ये महिलाएं सैनिकों के लिए राखियां बनाती आ रही हैं. उन्होंने बताया कि महिलाओं ने सैनिकों, अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू, उप-राष्ट्रपति जगदीप धनकड़, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल गुरमीत सिंह को भी राखियां बनाकर भेजी हैं.

Tags: Dehradun news, Indian army, Pm narendra modi, Raksha bandhan

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