VIDEO: लग्जरी गाड़ियां छोड़ ऑटो चलाकर एंबेसी पहुंचती हैं अमेरिकी डिप्लोमैट, कहा- भारत में ऑटो चलाना मजेदार

नई दिल्ली. वैसे कभी आपने किसी राजनयिक ऑटो से उतरते हुए देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी किसी राजनयिक को ऑटो से एंबेसी जाते हुए देखा है. दरअसल, दिल्ली में स्थित अमेरिकन एंबेसी की चार राजनयिक महिलाओं ने अपनी लग्जरी गाड़ियों को छोड़ ऑटो चलाकर ऑफिस पहुंचीं. एनएल मेसन, रुथ होल्मबर्ग, शऱीन जे किटरमैन और जेनिफर बायवाटर्स नाम की इन चार महिलाओं ने सरकार की तरफ से मिलीं बुलेट प्रूफ गाड़ियां छोड़कर ऑटो चलाकर ऑफिस जा रही है. इन महिलाओं का कहना है कि ऑटो चलाना मजेदार ही नहीं बल्कि एक मिसाल है कि अमेरिकी अधिकारी भी आम लोगों की तरह ही हैं.

भारत में ऑटो चलाना बेहतर अनुभव थाः एनएल मेसन
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए राजनयिक एनएल मेसन ने कहा, ‘मैंने कभी भी क्लच वाली गाड़ियां नहीं चलाई. मैं हमेशा ऑटोमैटिक कार ही चलाती हूं, लेकिन यहां भारत आकर ऑटो चलाना एक नया और बेहतर अनुभव था. इसके अलावा उन्होंने कहा, ‘जब मैं पाकिस्तान में थी तब बहुत ही शानदार और बुलेटप्रूफ गाड़ी में घूमती थी और उसी से दफ्तर जाती थी. लेकिन जब बाहर ऑटो देखती थी तो अंदर से लगता था कि एक बार तो इसे चलाना है.’

<youtubeembed cat="nation" creationdate="November 23, 2022, 20:45 IST" title="VIDEO: लग्जरी गाड़ियां छोड़ ऑटो चलाकर एंबेसी पहुंचती हैं अमेरिकी डिप्लोमैट, कहा- भारत में ऑटो चलाना मजेदार" src="https://www.youtube.com/embed/_jhh4wFrL1Q" item="” isDesktop=”true” id=”4945717″ >

भारत आते ही ऑटो खरीदा-एनएल मेसन
एनएल मेसन ने कहा, ‘भारत आते ही एक ऑटो खरीदा. मेरे साथ रूथ, शरीन और जेनिफर ने भी ऑटो खरीदा.’ मेसन ने कहा, ‘मुझे मेरी मां से प्रेरणा मिली है. वो हमेशा कुछ नया करती रहती थीं. मेरी बेटी भी ऑटो चलाना सीख रही है.’ मेसन ने कहा कि उनके ऑटो में ब्लूटूथ डिवाइस लगा है. इसमें टाइगर प्रिंट वाले पर्दे भी हैं.

जे किटरमैन के पास पिंक कलर का ऑटो
वहीं भारतवंशी अमेरिकी राजनयिक शरीन जे किटरमैन के पास पिंक कलर का ऑटो है. शरीन का जन्म कर्नाटक में हुआ था. हालांकि बाद में वो अमेरिका में बस गईं. जेनिफर बायवाटर्स ने अपना अनुभव शेयर करते हुए कहा, ‘मैंने लोगों की अच्छाई देखी है. कई बार लोगों को जानने के लिए आपको आउट ऑफ द बॉक्स सोचना पड़ता है. जब मैं दिल्ली आई तो मैं मेसन के साथ ऑटो में जाती थी. बाद में मैंने अपना ऑटो खरीद लिया.’

Tags: America, US Embassy

Share
Facebook Twitter Pinterest Linkedin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *