Vikram Gokhale: विक्रम गोखले की 5 फिल्में, जिनसे अभिनेता ने जीत लिया दर्शकों का दिल

नई दिल्ली: विक्रम गोखले (Vikram Gokhale) के निधन की अफवाह ने हर तरफ हलचल पैदा कर दी. हालांकि, अब दिग्गज अभिनेता बेटी ने साफ कर दिया है कि वह जिंदा हैं, लेकिन उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. निधन की अफवाह के चलते विक्रम गोखले का नाम सोशल मीडिया यूजर्स के बीच भी चर्चा में आ गया है. अब जब दिग्गज अभिनेता की चर्चा चल रही है तो आपको उनकी कुछ ऐसी फिल्मों के बारे में बताते हैं, जिनके जरिए उन्होंने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. विक्रम गोखले मंच, टेलीविजन और फिल्म एक्टर थे, जो मराठी और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहे हैं. उन्होंने फिल्मों में कई यादगार किरदार निभाए. आइए, उनकी टॉप 5 फिल्मों के बारे में जानते हैं.

आघात (2010): विक्रम के निर्देशन में बनी यह पहली फिल्म थी, जिसमें उन्होंने डॉ. खुराना की भूमिका निभाई. कहानी बड़े निजी अस्पतालों में खराब सिस्टम, रोगियों और उनके परिवारों के प्रति प्रशासन के दृष्टिकोण से जुड़ी है.

नटसम्राट (2016): फिल्म मराठी सिनेमा के सबसे महत्वपूर्ण रत्नों में से एक रंगमंच अभिनेता अप्पा के बारे में है, जिसे नाना पाटेकर ने निभाया है. फिल्म में विक्रम ने अप्पा के करीबी दोस्त रामभाऊ का किरदार निभाया है जो उनके अस्तित्व की वजह बन जाते हैं. अप्पा की जिंदगी एक दुखद मोड़ ले लेती है, जब वे अपने बच्चों से विमुख हो जाते हैं, जिन्हें अप्पा ने अपनी सारी संपत्ति दे दी थी.

अनुमति (2013): रीमा लागू, नीना कुलकर्णी और सुबोध भावे जैसे कलाकारों के साथ विक्रम गोखले के उम्दा प्रदर्शन से भरपूर यह फिल्म गजेंद्र अहिरे द्वारा लिखित और निर्देशित है. विक्रम का किरदार रत्नाकर फिल्म में एक कविता भी प्रस्तुत करता है. रत्नाकर असहाय महसूस करता है, क्योंकि उसकी पत्नी कोमा में चली जाती है. इस फिल्म ने न्यूयॉर्क इंडियन फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता था. विक्रम ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था.

सलीम लंगड़े पे मत रो (1989): विक्रम ने फिल्म में मुख्य किरदार सलीम के पिता की भूमिका निभाई थी. सईद अख्तर मिर्जा द्वारा निर्देशित फिल्म सलीम के उत्थान और पतन के बारे में है. इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था.

हम दिल दे चुके सनम (1999): विक्रम ने फिल्म में पंडित दरबार बने हैं, जो फिल्म में भारतीय शास्त्रीय संगीत के जानकार हैं. वे ऐश्वर्या राय के कैरेक्टर नंदिनी के प्यारे और सख्त पिता हैं. दरबार, सलमान के किरदार समीर को भारतीय शास्त्रीय संगीत की पेचीदगियों को सिखाने के लिए सहमत है. बाद में, जब उन्हें समीर और नंदिनी के बीच बढ़ती नजदीकियों का पता चलता है, तो वे समीर को भगा देते हैं और संगीत छोड़ देते हैं.

Tags: Actor, Bollywood news, Death

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